KYC की खामियों से बढ़ रहे साइबर फ्रॉड:कानपुर में बैंकों संग पुलिस की अहम बैठक, साइबर अपराध पर पुलिस और बैंकों की रणनीति बनी

तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और पुलिस–बैंकिंग समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से गुरुवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय सभागार, कानपुर नगर में शहर के विभिन्न बैंकों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस आयुक्त कानपुर रघुबीर लाल ने की। डिजिटल अरेस्ट पर फिल्म से हुई शुरुआत बैठक की शुरुआत पुलिस उपायुक्त मुख्यालय द्वारा साइबर अपराध, विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी डीजी मुख्यालय द्वारा निर्मित लघु फिल्म और विस्तृत प्रेजेंटेशन से की गई। प्रेजेंटेशन के माध्यम से मिशन शक्ति अभियान और थानों पर स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों की जानकारी भी साझा की गई। PNB ग्वालटोली का गंभीर मामला सामने आया बैठक के दौरान बैंकरों ने अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। पीएनबी ग्वालटोली शाखा के एक प्रकरण में बताया गया कि एक ग्राहक के आधार कार्ड में मोबाइल नंबर बदलकर ऋण ले लिया गया, जिसे गंभीर साइबर धोखाधड़ी का मामला बताया गया। साइबर अपराध अब सामाजिक समस्या बन चुके हैं बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने कहा कि साइबर अपराध अब केवल तकनीकी समस्या नहीं रह गए हैं, बल्कि यह एक गंभीर सामाजिक चुनौती बन चुके हैं। इनसे निपटने के लिए पुलिस और बैंकों का समन्वित और सतर्क प्रयास बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि KYC प्रक्रिया की खामियों का दुरुपयोग कर म्यूल अकाउंट तैयार किए जा रहे हैं, जिनके जरिए साइबर ठगी, अवैध लेन-देन और अन्य आपराधिक गतिविधियां की जा रही हैं। साथ ही हाल में सामने आए साइबर अपराधों, अपराधियों की मॉडस ऑपरेण्डी, विवेचना में हुए खुलासों और बरामदगी की जानकारी भी साझा की। स्कूलों से बाजार तक चल रहा साइबर जागरूकता अभियान पुलिस आयुक्त ने बताया कि कानपुर नगर पुलिस द्वारा स्कूलों, कॉलेजों, व्यापारिक संगठनों, चिकित्सक समुदाय, जनसभाओं और सामाजिक मंचों पर लगातार साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही नुक्कड़ नाटकों के जरिए भी आमजन को साइबर अपराधों से सतर्क किया जा रहा है। बैंकों को दिए गए सख्त निर्देश बैठक में पुलिस आयुक्त ने बैंकों को कई अहम निर्देश दिए संदिग्ध FD तुड़वाने पर तुरंत दें सूचना अपर पुलिस उपायुक्त अपराध अंजली विश्वकर्मा ने कहा कि यदि कोई ग्राहक भारी रकम की FD तुड़वाने आता है और उसका व्यवहार संदिग्ध लगे, तो बैंक पहले उससे पूछताछ करे और तुरंत पुलिस को सूचना दे, ताकि साइबर ठगी रोकी जा सके। उन्होंने CCTV बैकअप की नियमित जांच और पुलिस द्वारा भेजे गए ई-मेल का समय पर जवाब देने की आवश्यकता भी बताई। करीब 200 बैंक अधिकारी रहे मौजूद बैठक में संयुक्त पुलिस आयुक्त मुख्यालय, पुलिस उपायुक्त पश्चिम, पुलिस उपायुक्त अपराध, अपर पुलिस उपायुक्त अपराध सहित शहर के विभिन्न बैंकों के करीब 200 बैंक अधिकारी मौजूद रहे। सभी प्रतिभागियों ने बैठक को अत्यंत उपयोगी और सार्थक बताया।

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