नोटिस भेजकर दो से पांच साल का बैंक हिसाब-मांग रहे:महादेव एप से जुड़े 3000 लोगों पर जीएसटी की जांच पूछ रहे- कौन सा कारोबार किया, कितनी कमाई की

ऑनलाइन सट्टा महादेव एप से कमाई गई अवैध रकम की जांच ईडी, ईओडब्ल्यू-एसीबी, सीबीआई के बाद अब सेंट्रल जीएसटी वालों ने भी शुरू कर दी है। विभाग को इस बात के पुख्ता प्रमाण मिले हैं महादेव एप से कमाई करने वालों से बड़ी रकम फर्जी शैल कंपनियों में निवेश की है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी नंबर लिया गया और इसी के आधार पर कागजों में कारोबार शुरू किया गया है। पुख्ता दस्तावेज मिलने के बाद ऐसे सभी लोगों को पूछताछ के लिए भी बुलाया जा रहा है। राज्यभर में 3000 से ज्यादा लोगों को नोटिस दी जा रही है। करीब 600 लोगों से पूछताछ भी पूरी हो चुकी है। जिनके खिलाफ पूरे प्रमाण मिल गए हैं उन्हें लगातार नोटिस भेजी जा रही है। महादेव एप के मामले में मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल के साथ शुभम सोनी, एएसआई चंद्रभूषण वर्मा, कांस्टेबल भीम सिंह यादव, रितेश यादव, भारत ज्योति, विश्वजीत राय, राहुल वेंकट, नीतीश दीवान, अर्जुन यादव और सतीश चंद्राकर समेत 14 को आरोपी बनाया गया था। इनमें से सौरभ, रवि और शुभम के अलावा सभी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। इन सभी के संपर्क किन लोगों से थे और इन्होंने कितनों के साथ कारोबार किया इसकी भी जांच जारी है। इतना ही नहीं छत्तीसगढ़ पुलिस की अलग-अलग कार्रवाई में अभी तक 2000 से ज्यादा बैंक खातों को फ्रिज कर दिया गया है। इन खातों से 200 करोड़ से ज्यादा का ट्रांजेक्शन किया गया है। दावा किया जा रहा है कि इन खातों से भी रकम फर्जी कंपनियों में ट्रांसफर की गई है। अब तक 70 एफआईआर और तीन सौ गिरफ्तार
महादेव ऑनलाइन सट्टा एप में काम करने वाले 3000 से ज्यादा लोग संदिग्धों की सूची में शामिल हैं। इन्हीं लोगों को जांच के घेरे में रखा गया है। इन सभी के मोबाइल कॉल, बैंकिंग लेनदेन और डिजिटल वालेट की लगातार निगरानी की जा रही है। जांच में पता चला है कि इन सभी ने महादेव एप से अवैध कमाई कर उस रकम को कई जगहों पर निवेश किया है। इस सूची में नेताओं, सरकारी अफसरों, कर्मचारियों कई सामान्य तरीके से भी कारोबार करने वालों के नाम हैं। पुलिस ने अभी तक अलग-अलग जिलों में करीब 70 एफआईआर दर्ज कर 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार भी किया है। जिन लोगों को गिरफ्तार किया है उनसे जुड़े लोगों को भी नोटिस भेजी जा रही है। 6000 करोड़ का है महादेव घोटाला
ईओडब्ल्यू ने 6000 करोड़ रुपए से ज्यादा के महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले में 2024 में एफआईआर दर्ज की थी। जांच के बाद 2024 में 2 अभियोग पत्र प्रस्तुत किए गए। जिसमें 14 लोगों को आरोपी बनाया गया। वहीं उनके 30 ठिकानों में छापे भी मारे गए। बाद में राज्य सरकार के आदेश पर इस प्रकरण को अग्रिम विवेचना के लिए सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया गया। विदेशों में रकम ट्रांसफर होने की वजह से इस मामले की जांच ईडी भी कर रही है। एक साल से जांच, अब दे रहे नोटिस
मिली जानकारी के अनुसार महादेव एप के साथ ही दूसरे ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े लोगों की जांच पिछले एक साल से चल रही है। कई एप ऐसे हैं जो बंद हो चुके हैं, लेकिन उन्होंने दोबारा दूसरे नाम से ऑनलाइन सट्टे का काम शुरू कर दिया। इनमें से अधिकतर लोग ऐसे हैं जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों से कागजों पर जीएसटी नंबर लिया। सेंट्रल जीएसटी की टीम ऐसे कई जगहों पर गई। कंपनियों का भौतिक सत्यापन किया गया। फर्जीवाड़े के पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद ही ऐसे सभी लोगों को अब पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है।

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