कालासर गांव में सोलर प्लांट लगाने के लिए खेजड़ी के 386 पेड़ काटने की मौका रिपोर्ट में सोलर कंपनियों के नाम ही दर्ज नहीं किए गए हैं। केवल खसरा नंबर देकर इतिश्री कर ली गई। तहसीलदार को रिपोर्ट भी पेश कर दी गई है। कालासर में भारत सरकार के उपक्रम नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन(एनटीपीसी) ने चार हजार मेगावाट के सोलर प्लांट लगाने के लिए 18 हजार एकड़ जमीन में कुछ खरीदी है और कुछ लीज पर ली है। इस जमीन पर दस ब्लॉक में काम चल रहा है। चार सोलर कंपनियों को प्लांट लगाने के कांट्रेक्ट दे रखे हैं। छह जनवरी की रात करीब तीन सौ बीघा जमीन पर खेजड़ी के 386 पेड़ों पर आरी चल गई। सात जनवरी को पर्यावरण प्रेमियों के अलावा पटवारी, पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। सभी ने अपनी-अपनी रिपोर्ट बनाई है। इन रिपोर्ट्स में सोलर कंपनियों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। माना जा रहा है कि सोलर कंपनियों नाम बाहर ना आ पाए, इसलिए खेजड़ी प्रकरण में उनके नाम छिपाए जा रहे हैं। पूर्व में नापासर के रामसर क्षेत्र में भी दो बार ऐसा हो चुका है। पटवारी की रिपोर्ट में सोलर कंपनियों के नाम दर्ज नहीं किए गए थे, जबकि पूर्व में बनी मौका रिपोर्ट्स में खेत मालिक सहित सोलर कंपनियों के नाम भी होते थे। बताया जा रहा है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में कंपनियों को खेजड़ी की कटाई के दस्तावेजों से बाहर रखा जा रहा है। पहले चरण में लगेगा 1150 मेगावाट के चार प्लांट कालासर में भारत सरकार के उपक्रम एनटीपीसी के पहले चरण में 1150 मेगावाट के चार प्लांट लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए पाइलिंग का काम तेजी से चल रहा है। पाइलिंग के लिए ही खेजड़ी के पेड़ों का सफाया किया जा रहा है। ताकि सोलर प्लांटों को सूरज की पूरी रोशनी मिले। कालासर में एनटीपीसी कुल चार हजार मेगावाट के प्लांट लगाएगा। इसके लिए करीब 18 हजार एकड़ जमीन ली गई है। कंपनी के लिए जमीन के डेवलपमेंट का काम दत्ता पावर को सौंपा हुआ है। प्लांट लगाकर देने के लिए चार बड़ी सोलर कंपनियों से इंजीनियरिंग प्रिक्योरमेंट कंस्ट्रक्शन यानी ईपीसी की हुई है। इनमें एलएनटी और सोलर वर्ल्ड को 325-325 मेगावाट और रेज पावर व स्टर्लिंग को 250-250 मेगावाट के सोलर प्लांट लगाने का कांट्रेक्ट दिया हुआ है।


