राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं नजदीक हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग की ओर से महज एक महीने पहले किए जा रहे तबादलों ने स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग ने छह जनवरी को जहां 412 प्रिंसिपल के तबादले किए थे, वहीं अब 167 वाइस प्रिंसिपल और अन्य पदों पर कार्यरत अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं। लगातार हो रहे प्रशासनिक फेरबदल से कई स्कूलों में नियमित पढ़ाई प्रभावित होने लगी है। इन जिलों में ज्यादा तबादले जारी आदेश के अनुसार सबसे अधिक तबादले जयपुर जिले में किए गए हैं, जहां 25 से अधिक वाइस प्रिंसिपल और समकक्ष अधिकारियों को इधर-उधर किया गया है। बीकानेर जिले से 10 से ज्यादा, चूरू से 8 से अधिक और नागौर से करीब 12 तबादले हुए हैं। इसी तरह अजमेर, अलवर, भीलवाड़ा, उदयपुर, टोंक, सीकर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जोधपुर, बूंदी और भरतपुर जैसे जिलों में भी 4 से 8 के बीच तबादले किए गए हैं। कई जिलों में यह तबादले एक ही जिले के भीतर, तो कई में एक जिले से दूसरे जिले में किए गए हैं। परीक्षा तैयारी पर असर बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों के अंतिम चरण में स्कूलों के प्रधानाचार्य और उपप्रधानाचार्य का तबादला होने से टाइम टेबल, सिलेबस की रिवीजन योजना और कमजोर विद्यार्थियों की अतिरिक्त कक्षाओं पर असर पड़ रहा है। शिक्षकों का कहना है कि नए अधिकारी के आने तक व्यवस्थाएं फिर से संभलने में समय लगता है, जिसका सीधा नुकसान छात्रों को उठाना पड़ता है। जयपुर, जोधपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर जैसे जिलों में वाइस प्रिंसिपलों की संख्या अपेक्षाकृत ज्यादा बदली गई है। वहीं सीमावर्ती और ग्रामीण क्षेत्रों में भी वाइस प्रिंसिपल की अदला-बदली हुई है, जिससे कई स्कूलों में परीक्षा से ठीक पहले प्रशासनिक बदलाव की स्थिति बनी है।


