भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. प्रभात झा के परिवार से बंगला खाली कराने के लिए अब ‘बल प्रयोग’ किया जाएगा। इसके लिए 13 जनवरी तक का वक्त दिया गया है। पूर्व मंत्री रामपाल को भी बेदखली का नोटिस दिया है। भाजपा सरकार में पहली बार अपने नेताओं से बंगला खाली करवाने के लिए ऐसी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। दोनों के पास ये बंगले 10-15 साल से हैं। गृह विभाग के अधीन आने वाले संपदा संचालनालय ने 7 अफसरों को भी बेदखली में शामिल किया है। इनमें 4 आईएएस हैं। प्रभात झा के परिवार को 6 जनवरी और रामपाल को दिसंबर अंत में नोटिस दिया गया। गृह विभाग की तैयारी है कि बी व सी टाइप बंगलों की पात्रता को सख्ती से लागू किया जाए। इसके बाद विधायकों से बी और सी टाइप बंगले खाली कराए जा सकेंगे। नियमानुसार मंत्री, मुख्य सचिव, एसीएस व पीएस को ही बी व सी टाइप बंगलों की पात्रता है। विधायकों को डी टाइप व इससे नीचे की श्रेणी के बंगलों की पात्रता है। प्रभात झा के परिवार को नोटिस में लिखा-13 तक खाली न किया तो बल का प्रयोग करेंगे इनके पास भी बिना पात्रता बी टाइप बंगले
पूर्व सांसद प्रज्ञा ठाकुर, नरोत्तम मिश्रा, अरविंद भदौरिया, प्रभुराम चौधरी, भूपेंद्र सिंह, मीना सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधियों के बारे में उच्च स्तर से निर्णय लिया जाना है। कुछ नेताओं को पात्रता से उच्च स्तर का आवास मिला हुआ है। हमने ही बंगला खाली करने को कहा: झा के पुत्र
नोटिस मिला है। सरकारी घर तभी तक उपयोग में लेना चाहिए, जब तक पात्रता हो। 2024 में पिता के देहांत के बाद भी बंगले में रहे, ये सरकार की इच्छा व कृपा थी। हमने ही बाद में कहा, बंगला खाली करना है। ये सहज प्रक्रिया है।’ – तुशमुल झा, प्रभात झा के पुत्र


