परिवहन विभाग में 7 डिजिट घोटाले को लेकर मुख्यालय स्तर पर की गई कार्रवाई के खिलाफ गुरुवार को व्यापक रूप से रोष देखने को मिला। भरतपुर समेत प्रदेशभर के परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर कामकाज किया और एकतरफा कार्रवाई का जोरदार विरोध किया। इस विरोध-प्रदर्शन ने विभाग के कामकाज पर सीधा असर डाला, जिससे प्रशासनिक गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। राजस्थान परिवहन सेवा परिषद से जुड़े अधिकारी और मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के बैनर तले कार्मिकों ने मुख्यालय सहित सभी संभागों और जिलों में अपना असंतोष जताया। कर्मचारियों का आरोप है कि बिना किसी समुचित जांच के उन्हें निशाना बनाया जा रहा है, जिससे विभाग का मनोबल गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। काम बहिष्कार की चेतावनी, कहा- नहीं मानी तो उठाएंगे कड़े कदम:- परिवहन कर्मिकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि गुरुवार और शुक्रवार को काली पट्टी बांधकर विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया और एकतरफा कार्रवाई नहीं रोकी गई, तो आगामी दिनों में काम बहिष्कार जैसे कड़े कदम भी उठाए जाएंगे। 39 कर्मचारियों पर एफआईआर के फैसले से भड़का आक्रोश:- कर्मचारियों का गुस्सा तब और भड़क गया, जब आरटीओ प्रथम द्वारा 39 कार्मिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का फैसला लिया गया। उन्होंने इस कदम की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण है और उन्हें झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान प्रादेशिक परिवहन अधिकारी इंदु मीणा, अतिरिक्त प्रादेशिक परिवहन अधिकारी अभय मुदगल समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी काली पट्टी बांधकर अपने साथियों के साथ एकजुटता दिखाई।


