कोटा के क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला में अतिरिक्त निदेशक डॉ. राखी खन्ना के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों को लगातार ट्रेनिंग दी जा रही है। इस ट्रेनिंग में क्राइम होने के बाद मौके से सही तरीके से सबूत इकट्ठा करने और नए कानूनों की जानकारी दी जा रही है। इसी कड़ी में कोटा की एफएसएल लैब में नए बीएनएस कानूनों को लेकर एक दिन की कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में कोटा शहर और ग्रामीण के साथ झालावाड़, बारां और बूंदी जिलों से करीब 100 पुलिसकर्मी शामिल हुए। कार्यक्रम में कोटा शहर के एडिशनल एसपी दिलीप सैनी भी मौजूद रहे और उन्होंने इस तरह की ट्रेनिंग को पुलिस के लिए बेहद जरूरी बताया। प्रशिक्षण के दौरान कोटा प्रयोगशाला को मिला हुआ नवीन मोबाइल फॉरेंसिक वाहन एवं उपलब्ध किट्स के जरिए लाइव डेमो जानकारी दी गई। FSL कोटा के वैज्ञानिकों द्वारा नारकोटिक्स, ड्रग्स, रसायन, डीएनए, पोक्सो, हत्या, आत्महत्या एवं क्राइम सीन किट्स के माध्यम से सबूत को संभाल कर रखना और सबूत को सही तरीके से पैक कर भेजने की प्रक्रिया समझाई गईं। आउटडोर क्राइम सीन बनाकर हत्या एवं आत्महत्या जैसे उलझे मामलों में जरूरी सबूत ढूंढने का लाइव प्रदर्शन किया गया। कार्यशाला में सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता भी आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न जिलों के पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया। डॉ. राखी खन्ना ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण पुलिस, एफएसएल और न्यायालय के बीच समन्वय को मजबूत कर न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ट्रेनिंग में शामिल पुलिसकर्मियों ने इस प्रकार की कार्यशालाओं की अवधि बढ़ाने की मांग भी की।


