उदयपुर : 35 हजार रुपए लेकर बताया कोख में लड़का है, महिला डॉक्टर और दलाल को पकड़ा

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की पीसीपीएनडीटी टीम ने गुरुवार को उदयपुर में डिकॉय कर ऑपरेशन भ्रूण लिंग परीक्षण का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई में महिला डॉक्टर डॉ. नीना सक्सेना और महिला दलाल पूजा सागर को पकड़ा गया। आरोपियों ने 35 हजार रुपए लेकर गर्भवती महिला को बताया था कि उसकी कोख में लड़का है। सेंटर से जरूरी दस्तावेज सीज कर अन्य लोगों की भूमिका की पीबीआई थाना पुलिस जांच कर रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हेमंत जाखड़ ने बताया कि राजस्थान की टीम को सूचना मिली थी कि उदयपुर जिले में एक दलाल गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड सेंटर्स में ले जाकर भ्रूण लिंग परीक्षण करवाती है। इस पर टीम ने स्थानीय स्तर पर रैकी की तो सूचना सही निकली। इस आधार पर पीसीपीएनडीटी (गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम, 1994) टीम ने योजना बनाकर मूलतः उत्तर प्रदेश निवासी एवं हाल उदयपुर में रहने वाली दलाल पूजा सागर से संपर्क साधा और गर्भवती महिला को डिकॉय के रूप में उसके पास भेजा। जहां पूजा ने 35 हजार रुपए लिए और गर्भवती डिकॉय महिला को मुख्य डाकघर उदयपुर में स्थित अमर आशीष हॉस्पिटल एंड टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर ले गई। कुछ देर बाद वह गर्भवतीमहिला को धरा डायग्नोस्टिक सेंटर ले गई। यहां जांच के बाद वह गर्भवती को वापस टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर पर ले गई। यहां गर्भवतीमहिला का इशारा मिलने पर टीम मौके पर पहुंची और दलाल पूजा को पकड़कर पूछताछ की। अनाधिकृत जांच को रोकने मशीनों पर लगते हैं ट्रैकर उदयपुर जिले में 108 सोनोग्राफी सेंटर्स रजिस्टर्ड हैं। इनके लाइसेंस शहर में संयुक्त निदेशक चिकित्सा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी व अन्य जिला स्तरीय अधिकारी जारी करते हैं। सभी केंद्रों पर सोनोग्राफी मशीनों पर एक्टिव ट्रैकर लगे हुए रहते हैं। ताकि कोई अनाधिकृत जांच नहीं कर सके। प्रत्येक सेंटर हर माह उनकी ओर से की गई सोनोग्राफी की संपूर्ण सूचना फार्म एफ में सीएमएचओ कार्यालय में पहुंचाता है। एनएचएम एमडी बोले- इस बुराई को जड़ से खत्म करने का प्रयास कर रहे एनएचएम एमडी डॉ. अमित यादव ने कहा कि वे लिंग चयन की बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। यह कार्रवाई पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन और भ्रूण लिंग चयन को रोकने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। प्रदेश सरकार लंबे समय से लिंगानुपात में सुधार के लिए सख्त कदम उठा रही है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *