व्यापमं कांड से जुड़े एक मामले के आरोपियों को हाई कोर्ट से झटका लगा है। इन आरोपियों ने एफआईआर और सीबीआई कोर्ट मे चल रही कार्रवाई को चुनौती दी थी। किसी ने 2022 तो किसी ने 2024 में हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। सात जनवरी को मामले की सुनवाई के दौरान आरोपियों ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे हाई कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। अब ये सभी आरोपी ट्रायल लड़ेंगे। बता दें कि केस के एक अन्य आरोपी डॉ. अजय गोयनका के खिलाफ दर्ज एफआईआर हाई कोर्ट के आदेश से निरस्त की जा चुकी है। ये मामला भोपाल के चिरायु मेडिकल कॉलेज से जुड़ा है। व्यापमं कांड के व्हिसल ब्लोअर आशीष चतुर्वेदी ने 7 जुलाई 2014 को एफआईआर दर्ज कराई। इसमें आरोप लगाया कि जयप्रकाश बघेल, जो कि एक अन्य मेडिकल कॉलेज का छात्र है, उसने 2011 में पीएमटी में भाग लिया। परीक्षा पास की और चिरायु मेडिकल कॉलेज में एक सीट भी काउंसिलिंग के माध्यम से आवंटित करा ली। बाद में जयप्रकाश ने चिरायु कॉलेज में प्रवेश नहीं लिया। जिसके चलते सीट खाली हो गई। बाद में कॉलेज प्रबंधन ने सांठ-गांठ कर उस सीट को इंटरनल काउंसिलिंग के माध्यम से भर दिया। जब जांच का जिम्मा 2015 में सीबीआई के पास पहुंचा तो मामले की और विस्तृत जांच हुई। इसमें कॉलेज से जुड़े डॉ. अजय गोयनका सहित अन्य छात्रों व कॉलेज प्रबंधन से जुड़े लोगों को भी आरोपी बनाया गया। 2020 में सीबीआई ने इस मामले में चालान पेश किया था।


