हनुमानगढ़ में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। क्षेत्र में लगातार गिरता तापमान जमाव बिंदु की ओर बढ़ रहा है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जबकि अधिकतम तापमान 13-14 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। ठंड के कारण गलन बढ़ गई है, जिससे सड़कों पर यातायात भी कम दिख रहा है और लोग आवश्यक कार्यों के लिए ही बाहर निकल रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और अन्य एजेंसियों ने राजस्थान सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों के लिए शीतलहर और “कोल्ड डे” जैसी स्थितियों की चेतावनी जारी की है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के लिए जारी बुलेटिन में कहा गया है कि न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रहेगा और खेतों में पाले जैसी स्थिति बन सकती है। पारे के जमाव बिंदु की ओर बढ़ने से आमजन के साथ-साथ किसान भी चिंतित हैं। कृषि विभाग के अनुसार, हनुमानगढ़ जिले में सरसों की फसल का रकबा लगभग 2 लाख हेक्टेयर है और शीतलहर की मौजूदा स्थिति में इस फसल को सर्वाधिक खतरा है।
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, नमी युक्त जमीन में काफी देर तक गर्मी बनी रहती है, जिससे भूमि का तापमान एकदम नीचे नहीं जाता। यही स्थिति पाले का कारण बनती है। कृषि विभाग ने पाले से बचाव के लिए फसल में हल्की सिंचाई की सलाह दी है। इससे खेत की सतह का तापमान लगभग 0.5 से 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाता है, जिससे पाले का असर कुछ हद तक कम हो सकता है। इसके अतिरिक्त, पाला पड़ने की स्थिति में फसलों पर घुलनशील गंधक (0.2 प्रतिशत) या गंधक का तेजाब (0.1 प्रतिशत) को लगभग 1000 लीटर पानी में घोलकर एक हेक्टेयर क्षेत्र में छिड़काव करने की सलाह दी गई है। कृषि वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि लगातार पाला पड़ने से सरसों की फलियों में दाना भराव रुक सकता है, जिससे उपज में भारी कमी आ सकती है।


