गुजरात के राजकोट में पिछले 24 घंटे में भूकंप के 4 झटके महसूस किए गए। झटके हल्के थे जिससे किसी भी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक इन झटकों की तीव्रता 2.7 से 3.8 के बीच दर्ज की गई। एहतियात के तौर पर आसपास के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि भूकंप का केंद्र उपलेटा से 28 किमी दूर दर्ज किया गया। बार बार आ रहे झटकों से लोगों में बड़ें भूकंप का डर बैठ गया है। सुबह तीन बार आया भूकंप अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार सुबह तीन बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। पहला झटका सुबह 6:19 बजे, दूसरा झटका 6:55 बजे और तीसरा 6:58 पर आया। सुबह 6:19 बजे आए भूकंप की तीव्रता 3.8 मैग्नीट्यूड थी। वहीं गुरुवार रात 8:43 बजे भी झटका महसूस किया गया था। BIS ने कहा था- 75% आबादी खतरानाक क्षेत्र में रह रही भारत सरकार की संस्था ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) ने जनवरी 2025 में देश का नया भूकंप जोखिम नक्शा जारी किया था। नए नक्शे के मुताबिक भारत की 75% आबादी अब भूकंप के “खतरनाक क्षेत्र” में रह रही है, और हिमालयन रेंज को पूरी तरह अल्ट्रा-हाई रिस्क जोन (जोन VI) में रखा गया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि हिमालय के नीचे वाली टेक्टोनिक प्लेट्स 200 साल से हिली तक नहीं हैं, यानी वहां भारी तनाव जमा है और किसी भी समय बहुत शक्तिशाली भूकंप आ सकता है। पुराने नक्शे से क्या बदला? पहले देश को 4 जोन में बांटा गया था—जोन II (कम खतरा), जोन III (मध्यम), जोन IV (ज्यादा) और जोन V (सबसे ज्यादा खतरा)। नए नक्शे में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब सबसे ज्यादा खतरे वाले इलाके को जोन VI जैसा अल्ट्रा-हाई रिस्क माना गया है। नए आंकड़ों के अनुसार, 61% क्षेत्र मध्यम से भारी खतरे वाले जोन में आ गया है। 75% आबादी खतरे में रहती है (पहले यह कम था)। पूरा हिमालय अब अल्ट्रा-हाई रिस्क जोन VI में कश्मीर से लेकर अरुणाचल तक पूरा हिमालय जोन VI में डाल दिया गया है। इसकी 3 वजह है।


