छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा ने कोरबा जिले के प्रवास के दौरान कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनकल्याणकारी योजनाओं की व्यापक समीक्षा की। इनमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली, पूरक पोषण आहार योजना, मध्यान्ह भोजन योजना और शासकीय आश्रम-छात्रावासों को बीपीएल दर पर खाद्यान्न प्रदाय शामिल था। समीक्षा बैठक में कोरबा जिले में लगभग 92 हजार सदस्यों के लिए ई-केवाईसी पूर्ण कराने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। अध्यक्ष ने उचित मूल्य दुकानों के नियमित संचालन, स्टॉक मिलान और सभी संचालकों के प्रदर्शन की अनिवार्यता पर भी जोर दिया। पूरक पोषण आहार योजना के तहत पोषण ट्रैकर में दर्ज बच्चों का पुनः परीक्षण करने को कहा गया। साथ ही, आंगनबाड़ी केंद्रों में सभी अनिवार्य सूचनाओं के प्रदर्शन और उपलब्ध बर्तनों के स्टॉक को अद्यतन करने के निर्देश दिए गए। मध्यान्ह भोजन की मात्रा का स्पष्ट प्रदर्शन और क्रियान्वयन पर जोर सभी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के अंतर्गत प्रति डाइट खाद्यान्न, दाल, सब्जी की मात्रा का स्पष्ट प्रदर्शन और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। शासकीय आश्रम और छात्रावासों में फोर्टिफाइड चावल पकाने की विधि का पालन, प्रति छात्र खाद्यान्न की पात्रता की जानकारी और खाद्य विभाग के कॉल सेंटर नंबर का प्रदर्शित होना अनिवार्य करने की हिदायतें भी दी गईं। अनियमितताओं पर कार्रवाई की अनुशंसा समीक्षा बैठक से पहले आयोग के दल ने कुकरीचोली, मसान और उरगा स्थित उचित मूल्य दुकानों का निरीक्षण किया। ग्राम मसान में चावल के स्टॉक में कमी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की गई। ग्राम उरगा की दुकान निरीक्षण के दौरान बंद मिलने पर संचालक के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण में लापरवाही आंगनबाड़ी केंद्र भैसमा और सेमीपाली क्रमांक-2, उरगा के निरीक्षण के दौरान उरगा केंद्र की कार्यकर्ता अनुपस्थित मिलीं। वहां आवश्यक सूचनाओं का अभाव और बच्चों की कम उपस्थिति पर अध्यक्ष ने अप्रसन्नता व्यक्त की। आश्रम-छात्रावास में डाइट और फोर्टिफाइड चावल पर विशेष निर्देश भैसमा स्थित आश्रम/छात्रावास के निरीक्षण में अध्यक्ष ने प्रति छात्र निर्धारित डाइट के अनुरूप खाद्यान्न, दाल, तेल के उपयोग और फोर्टिफाइड चावल को सही विधि से पकाने के निर्देश दिए। अपर प्राइमरी स्कूल मसान में अध्यक्ष ने बच्चों के साथ मध्यान्ह भोजन में चावल, दाल और आलू-केला की सब्जी का स्वाद चखा और भोजन की गुणवत्ता को बेहतर बताया।


