नरसिंहपुर कलेक्ट्रेट परिसर शांत क्षेत्र घोषित, प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हुए:धरना-प्रदर्शन, जुलूस और रैली के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य, डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंध

नरसिंहपुर कलेक्टर रजनी सिंह ने नरसिंह भवन परिसर को शांत क्षेत्र घोषित कर दिया है। इसके साथ ही, जनहित, जानमाल की सुरक्षा और लोक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से नरसिंहपुर जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं। रैली-जुलूस निकालने से पहले लेने होनी अनुमति जारी आदेश के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति, राजनैतिक दल, संगठन या संस्था धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैली अथवा किसी भी प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन करना चाहता है, तो उसे संबंधित अनुविभागीय दंडाधिकारी से लिखित सूचना देकर पूर्व अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। सूचना पत्र में आयोजन का मार्ग, स्थल और उसमें शामिल होने वाले व्यक्तियों एवं वाहनों की अनुमानित संख्या का स्पष्ट उल्लेख करना होगा, ताकि आवश्यक पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। डीजे जैसे तेज ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैली या ज्ञापन जैसे कार्यक्रमों के दौरान डीजे जैसे तेज ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। केवल लाउड स्पीकर के इस्तेमाल की अनुमति होगी। यदि कोई संगठन किसी मुद्दे पर ज्ञापन प्रस्तुत करना चाहता है, तो पूर्व अनुमति के बाद अधिकतम पांच व्यक्ति ही कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश कर संबंधित अधिकारी को ज्ञापन सौंप सकेंगे। ज्ञापन देने के दौरान या कार्यालय परिसर एवं उसके आसपास नारेबाजी तथा लाउड स्पीकर का इस्तेमाल वर्जित रहेगा। उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या कानून व्यवस्था भंग होने की स्थिति में संबंधित व्यक्तियों के साथ-साथ आयोजनकर्ता को भी जिम्मेदार माना जाएगा। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत जारी किया गया है। उल्लंघन की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 सहित अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने बताया कि पूर्व में बिना सूचना जुलूस के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचने, अनाधिकृत प्रवेश और बिना अनुमति आयोजनों के कारण शासकीय कार्य प्रभावित हुए थे। इससे कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका भी रही थी। आगामी त्योहारों को देखते हुए शांति एवं सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए यह आदेश आवश्यक था।

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