विदिशा नगर पालिका एक बार फिर चर्चा में है। नगर पालिका के 952 कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलने के कारण उनमें गहरा आक्रोश और निराशा है। इसी नाराजगी को व्यक्त करने के लिए शुक्रवार को नगर पालिका परिसर में एक कर्मचारी ने ढपली बजाकर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से तत्काल वेतन भुगतान की मांग की। सफाई दरोगा मुकेश नहरिया ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि समय पर वेतन न मिलने के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पूरे महीने उन्हें दुकानदारों, दूध वालों और अन्य लोगों से उधार लेकर घर का खर्च चलाना पड़ता है। उन्होंने बताया, महीने की पहली तारीख आते ही उधार देने वाले अपने पैसे मांगने लगते हैं, लेकिन आज (9 जनवरी) हो जाने के बावजूद अभी तक वेतन नहीं मिला है। बोले- पार्षदों की तरह आंदोलन करना पड़ेगा
नहरिया ने यह भी कहा कि उनके बुजुर्ग भी नगर पालिका में कार्यरत रहे हैं, लेकिन उन्होंने कभी ऐसी नगर पालिका परिषद नहीं देखी जो कर्मचारियों को समय पर वेतन न दे पा रही हो। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले पार्षदों ने कपड़े उतारकर प्रदर्शन किया था, जिसके बाद उनके वार्डों में काम शुरू हो गए थे। अब सवाल यह है कि क्या कर्मचारियों को भी अपनी जायज मांगों के लिए ऐसा ही आंदोलन करना पड़ेगा। हालांकि, वेतन की मांग को लेकर सभी कर्मचारी इस आंदोलन में सीधे तौर पर शामिल नहीं हुए, लेकिन एक कर्मचारी द्वारा ढपली बजाकर किया गया यह विरोध सभी कर्मचारियों की आवाज बनकर उभरा। इस घटनाक्रम ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जा सकता है। इस मामले पर सीएमओ दुर्गेश ठाकुर ने बताया कि कर्मचारियों की ई-अटेंडेंस के मिलान के कारण वेतन जारी नहीं की गई थी। उन्होंने आश्वस्त किया कि आज ई-अटेंडेंस का मिलान हो गया है और सभी को वेतन मिल जाएगी। सीएमओ ने यह भी दावा किया कि आमतौर पर वेतन समय पर दी जाती है।


