भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने परिवहन विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ गुरुवार देर शाम बड़ी कार्रवाई की। एसीबी की 12 टीमों ने ब्यावर, नसीराबाद, विजयनगर, केकड़ी, किशनगढ़ और अजमेर में एक साथ छापेमारी की। इस दौरान परिवहन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, फ्लाइंग स्क्वाड, निजी दलालों और ढाबा संचालकों सहित कुल 11 ठिकानों पर आकस्मिक सर्च की गई। इस दौरान परिवहन विभाग के निरीक्षक समेत 13 लोगों को डिटेन किया गया है। एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि यह कार्रवाई गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। सूचना में खुलासा हुआ था कि परिवहन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी निजी दलालों के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजमार्गों से गुजरने वाले परिवहन वाहनों से प्रति वाहन 600 से 1000 रुपए की अवैध वसूली कर रहे थे। यह वसूली ब्यावर के होटल शेर-ए-पंजाब, नसीराबाद के होटल आरजे-01 और जगदंबा टी स्टॉल जैसे ठिकानों से की जा रही थी। कोडवर्ड के जरिए चल रहा था नेटवर्क
इस दौरान पता चला कि यह नेटवर्क कोडवर्ड और डिजिटल पेमेंट के माध्यम से संचालित हो रहा था। दलाल वाहन चालकों से नकद और पेटीएम जैसे डिजिटल माध्यमों से पैसे लेकर परिवहन विभाग की आरटीओ टीमों तक पहुंचाते थे। यह रिश्वत वाहन चेकिंग के दौरान कमियां न निकालने, ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई न करने और वाहनों को जब्त न करने के बदले ली जाती थी। कॉल सेंटर जैसी बना रखी थी व्यवस्था
लेन-देन के लिए मोबाइल मैसेजिंग, डिजिटल पेमेंट और हाईवे स्थित ढाबों का इस्तेमाल किया जा रहा था। दलालों ने कई मोबाइल फोन का उपयोग कर एक कॉल सेंटर जैसी व्यवस्था बना रखी थी, जिससे वाहन नंबर संबंधित टीमों को भेजे जाते थे। कार्रवाई के दौरान एसीबी ने बड़ी संख्या में संदिग्ध दस्तावेज और मोबाइलों से डिजिटल डेटा बरामद किया।
एसीबी ने 1,16,700 रुपए की संदिग्ध नकदी, 19 मोबाइल फोन, 4 सीसीटीवी डीवीआर और 12 संदिग्ध डायरियां जब्त की हैं, जिनमें लाखों रुपये के लेन-देन और हजारों रुपए के डिजिटल भुगतान का रिकॉर्ड मिला है। 13 लोग डिटेन
कार्रवाई में परिवहन विभाग के निरीक्षक जलसिंह, उनके निजी सहायक प्रदीप जोधा, दलाल विक्रम सिंह पिपरोली व संजय यादव, ढाबा संचालक बुधे सिंह, महेंद्र कुमार, सुनील कुमार, परिवहन विभाग के संविदा गार्ड लक्ष्मण काठात, गुलाब काठात सहित कुल 13 लोगों को अग्रीम कार्रवाई के लिए डिटेन किया गया है। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव व महानिरीक्षक सत्येंद्र कुमार के निर्देशन में पूछताछ व आगे की कार्रवाई जारी है। अवैध वसूली का खुलासा


