डीडवाना के राजकीय बांगड़ महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। महाविद्यालय की प्रिंसिपल डॉ. मनीषा गोदारा ने इसका शुभारंभ किया। उन्होंने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना आवश्यक है, क्योंकि छोटी लापरवाही भी गंभीर आर्थिक और मानसिक नुकसान का कारण बन सकती है। कार्यक्रम के तहत एनएसएस स्वयंसेवकों ने कॉलेज द्वारा गोद ली गई बस्तियों में साइबर सुरक्षा जागरूकता रैली निकाली। इस दौरान स्वयंसेवकों ने साइबर अपराधों से बचाव के नारे लगाए और घर-घर जाकर लोगों से संवाद किया। उन्होंने फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया पर होने वाले साइबर अपराधों से सतर्क रहने तथा अनजान लिंक पर क्लिक न करने की जानकारी दी। स्वयंसेवकों ने लोगों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखने और साइबर अपराध होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने के लिए भी प्रेरित किया।
रैली के बाद महाविद्यालय परिसर में श्रमदान कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें स्वयंसेवकों ने परिसर की साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। इस गतिविधि का उद्देश्य समाज में स्वच्छता, अनुशासन और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना था। कार्यक्रम के दौरान एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कुलदीप शर्मा ने स्वयंसेवकों को पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण के बिना स्वस्थ समाज की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने अधिक वृक्षारोपण, जल संरक्षण, प्लास्टिक के न्यूनतम उपयोग और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। इस अवसर पर एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अंतिमा अग्रवाल, डॉ. तृप्ति सिंघल सहित अन्य संकाय सदस्य मौजूद रहे। एनएसएस स्वयंसेवकों ने उत्साह, अनुशासन और समर्पण भाव से कार्यक्रम में भाग लिया और साइबर सुरक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया।


