हनुमना में लगी ‘नारी बेटी की चौपाल’:पातीं मिश्रान और मलैगवा में बाल विवाह के खिलाफ जागरूक किया; महिला शिक्षा पर जोर

हनुमना क्षेत्र में बेटियों के अधिकारों और सशक्तिकरण को लेकर ग्राम पंचायत पातीं मिश्रान और मलैगवा में ‘नारी बेटी की चौपाल’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ लोगों में जागरूकता बढ़ाना रहा। बाल विवाह और शिक्षा पर चर्चा सेक्टर घोंघम के अंतर्गत शुक्रवार को दोपहर 3 बजे आयोजित इस चौपाल में बाल विवाह उन्मूलन, बेटियों की शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक समानता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। यह अभियान ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत चलाया जा रहा है। बेटियों के भविष्य को मजबूत बनाने का प्रयास परियोजना अधिकारी शंखधर त्रिपाठी ने बताया कि चौपाल का उद्देश्य बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, स्कूल छोड़ चुकी बालिकाओं को फिर से शिक्षा से जोड़ना और किशोरियों को करियर काउंसलिंग प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि यदि समाज जागरूक होगा, तो बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर स्वयं ही अंकुश लगेगा। विकासखंड समन्वयक सर्वेश सिंह गहरवार ने लोगों से अपील की कि बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मनाया जाए। उन्होंने कहा, “बेटी है तो कल है” की सोच अपनाकर उनकी शिक्षा, आत्मविश्वास और सपनों को साकार करना जरूरी है। सांस्कृतिक गतिविधियों से बढ़ा उत्साह कार्यक्रम को खास बनाने के लिए ग्रामीण महिलाओं ने बघेली सोहर गाकर ‘बिटिया जन्मोत्सव’ मनाया। इसमें पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं, ग्रामीण महिलाएं और बड़ी संख्या में बच्चियां भी मौजूद थीं।

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