इंदौर के द्वारकापुरी थाने में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पक्ष के लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने को लेकर शुक्रवार को अभाविप के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने कमिश्नर कार्यालय पर जमकर नारेबाजी की। उन्होंने यहां टीआई मनीष मिश्रा को भी हटाए जाने की मांग की। उनका कहना था कि पुलिस ने उनके खिलाफ द्वेषपूर्वक कार्रवाई की है। द्वारकापुरी इलाके के वैष्णव मैनेजमेंट महाविद्यालय में तीन दिन पहले हुए विवाद मामले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सैकड़ों विद्यार्थियों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने थाना प्रभारी मनीष मिश्रा और एसीपी शिवेन्द्र जोशी को हटाने की मांग की। पिछले दिनों द्वारकापुरी थाना क्षेत्र के वैष्णव मैनेजमेंट महाविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और अन्य गुट के विद्यार्थियों के बीच चुनाव से जुड़े मुद्दे को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद विद्यार्थी परिषद के सैकड़ों कार्यकर्ता थाने पर शिकायत करने पहुंचे थे। थाना प्रभारी और एसीपी ने मामला शांत कराते हुए घायल पक्ष की ओर से प्रकरण दर्ज किया था, लेकिन छात्र संगठन के वहां से जाने के बाद दूसरे पक्ष की ओर से भी शिकायत दर्ज कर ली गई। इसके बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मामले में नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है। इसके विरोध में आज पलासिया स्थित पुलिस कमिश्नर कार्यालय पर विद्यार्थी परिषद ने प्रदर्शन किया और थाना प्रभारी व एसीपी पर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान विद्यार्थी परिषद के अवधेश गुर्जर सहित अन्य लोग मौजूद रहे। एसीपी तुषार सिंह ने उनका आवेदन लिया और मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। एसआई ने तबादले के चलते किया विवाद बताया जाता है कि अभाविप के लोगों से सबसे पहले एसआई आलोक मिठास का विवाद हुआ था। आलोक मिठास पूर्व में भी इसी तरह कई बार लोगों से विवाद कर चुके हैं। अधिकारियों ने उनके खिलाफ पहले भी कोई कार्रवाई नहीं की। बताया जा रहा है कि वह थाने से हटना चाहते हैं, लेकिन अधिकारी उन्हें नहीं हटा रहे हैं।


