खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के निर्देशानुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत चयनित सक्षम व्यक्तियों से नाम पृथक करवाने के लिए चलाए जा रहे ‘गिव-अप अभियान की अवधि को 28 फरवरी, 2026 तक बढ़ाया गया है। जिला रोजगार अधिकारी आलोक झरवाल ने बताया- खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग राजस्थान, जयपुर के निर्देशानुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत चयनित पात्र लाभार्थियों को प्रतिमाह निर्धारित प्रावधानानुसार गेहूं का वितरण किया जाता है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत सक्षम व्यक्तियों की ओर से स्वेच्छा से नाम पृथक करवाने के लिए 1 नवम्बर, 2024 को शुरू हुए गिव अप अभियान की अवधि 28 फरवरी, 2026 तक बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि यदि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में 28 फरवरी, 2026 तक स्वेच्छा से नाम नहीं हटवाए जाते हैं तो उसके बाद विभाग द्वारा अभियान चलाया जएगा। अभियान में नाम स्वेच्छा से नाम पृथक नहीं करवाने वाले लाभार्थियों के खिलाफ खाद्यान्न की बाजार दर से वसूली के साथ आवश्यक वस्तु अधिनियम के सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत कानूनी कार्यवाही की जायेगी। इन श्रेणियों के व्यक्ति होंगे अपात्र विभागीय निर्देशानुसार शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे परिवार जिसमें कोई आयकर दाता हो, जिसका कोई सदस्य सरकारी/अर्द्ध सरकारी/स्वायत्तशासी संस्थाओं के कर्मचारी-अधिकारी हो, एक लाख रू. वार्षिक से अधिक पेंशन प्राप्त करता हो एवं परिवार में किसी सदस्य के पास चार पहिया वाहन हो (ट्रेक्टर एवं एक वाणिज्यिक वाहन को छोड़कर जो कि जीवकोपार्जन में प्रयुक्त हो) निष्कासन सूची में आते है। ऐसे हटवा सकते हैं अपना नाम योजना से नाम हटाने के लिए 28 फरवरी, 2026 तक संबंधित व्यक्ति को अपनी उचित मूल्य दुकान पर जाकर निर्धारित फार्म भरन कर जिला रसद अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा। इस प्रक्रिया के तहत उन्हें यह घोषणा करनी होगी कि वे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत आने के लिए अयोग्य है और स्वेच्छा से योजना से बाहर हो रहे है। विभागीय वेबसाइट https://rrcc.rajasthan.gov.in पर भी नाम हटाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते है।


