स्वामी गोपालदास की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को सर्व समाज द्वारा उन्हें याद किया गया। इस अवसर पर समाज सेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए पूर्व सांसद मोहर सिंह राठौड़ को मरणोपरांत स्वामी गोपालदास पुरस्कार प्रदान किया गया। यह सम्मान उनके परिजनों ने चूरू के स्वामी गोपालदास चौक में आयोजित कार्यक्रम में ग्रहण किया। मुख्य वक्ता त्रिभुवन ने कहा कि स्वामी गोपालदास द्वारा स्थापित सर्वहितकारिणी सभा के माध्यम से समाज चेतना और चूरू के विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य हुए। उन्होंने स्वामी गोपालदास के जीवन और आदर्शों को प्रेरणास्पद बताया। त्रिभुवन ने यह भी उल्लेख किया कि मोहर सिंह राठौड़ ने भामाशाहों और समाज के बीच सेतु का कार्य किया। कार्यक्रम संयोजक दलीप सरावग ने बताया कि स्वामी गोपालदास ने समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति को अपना लक्ष्य बनाकर काम किया। भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य ओम सारस्वत ने महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने और समाज को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। मोहन आर्य ने स्वामी गोपालदास के जनहितकारी कार्यों को कालजयी बताया। शिक्षाविद् प्रोफेसर कमल कोठारी ने कहा कि सकारात्मक सोच के साथ समाज के लिए बेहतर काम करने वाले व्यक्तियों को पुरस्कृत करना और स्वामी गोपालदास जैसे महापुरुषों को याद करना गौरव की बात है। लच्छूराम पूनियां ने मोहर सिंह राठौड़ का जीवन परिचय प्रस्तुत किया, जबकि पूर्व प्रधान रणजीत सातड़ा ने स्वामी गोपालदास के कार्यों का उल्लेख किया। स्वामी गोपालदास संस्थान के सौजन्य से मोहर सिंह राठौड़ के परिजन नरेंद्र सिंह राठौड़, देवी सिंह राठौड़, पृथ्वी सिंह राठौड़, विक्रम सिंह शेखावत, महिपाल सिंह राठौड़ और पुण्य प्रताप सिंह राठौड़ शामिल थे। इनको 21 हजार रुपए नकद, शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह भेंट किए गए। इस अवसर पर परिजनों ने पुरस्कार राशि और पृथ्वी सिंह राठौड़ ने अतिरिक्त पांच हजार रुपए संस्था की गतिविधियों के लिए प्रदान किए।


