स्वर्ण नगरी की रेतीली गोद में होने वाले विश्व विख्यात ‘मरु महोत्सव-2026’ का बिगुल बज चुका है। इस बार थार के धोरों पर लोक संगीत की थाप और रेगिस्तानी संस्कृति का अनूठा संगम ‘बीट्स ऑफ द थार’ (Beats of the Thar) थीम पर देखने को मिलेगा। कलेक्टर प्रताप सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई जिला स्तरीय अधिकारियों और पर्यटन व्यवसायियों की बैठक में यह तय किया गया कि महोत्सव का भव्य आयोजन आगामी 29 जनवरी से 01 फरवरी तक चार दिनों तक किया जाएगा। ‘बीट्स ऑफ द थार’ थीम से सजेगा महोत्सव बैठक के दौरान जिला कलेक्टर प्रताप सिंह ने महोत्सव की आधिकारिक थीम ‘बीट्स ऑफ द थार’ पर आधारित पोस्टर का विमोचन किया। इस थीम का चयन थार की धड़कन यानी यहां के पारंपरिक संगीत, लोक वाद्यों और सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य से किया गया है। कलेक्टर ने कहा कि यह महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जैसलमेर की अंतरराष्ट्रीय पहचान है, इसलिए इसकी भव्यता में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। पर्यटन व्यवसायियों से लिया फीडबैक बैठक में पर्यटन विभाग, होटल व्यवसायी, सम एवं खुहड़ी रिसोर्ट सोसायटी के पदाधिकारियों के साथ चर्चा की गई। कलेक्टर ने सभी से सुझाव प्राप्त किए ताकि पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि पोकरण, जैसलमेर शहर, सम के धोरे, खुहड़ी, कुलधरा, खाभा और दामोदरा क्षेत्रों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा इस तरह तैयार की जाए कि विदेशी सैलानी यहाँ की लोक संस्कृति को अपने दिल में बसा लें। स्थानीय कलाकारों को मिलेगा विशेष मंच जिला कलेक्टर प्रताप सिंह ने सहायक निदेशक, पर्यटक स्वागत केंद्र को निर्देशित किया कि महोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जैसलमेर के ख्यातनाम स्थानीय लोक कलाकारों को विशेष प्राथमिकता दी जाए। कमायचा, खड़ताल, मोरचंग और सारंगी की गूंज ‘बीट्स ऑफ द थार’ को जीवंत करेगी। उन्होंने कहा कि जब स्थानीय कलाकार अपनी माटी की खुशबू बिखेरेंगे, तभी यह महोत्सव वास्तविक रूप से सफल होगा। प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर पर्यटन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि महोत्सव के चार दिवसीय कार्यक्रमों को अंतिम रूप देकर अभी से ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार शुरू किया जाए। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से दुनिया भर के सैलानियों को आमंत्रित किया जाएगा। होटल व्यवसायियों से भी आग्रह किया गया कि वे अपने स्तर पर आने वाले मेहमानों को महोत्सव की जानकारी दें और राजस्थानी अतिथि सत्कार की मिसाल पेश करें। यह रहे उपस्थित बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर परसाराम सैनी, जैसलमेर एसडीएम सक्षम गोयल, सहायक निदेशक (पर्यटन) कमलेश्वर सिंह सोलंकी, जिला परिषद के एसीईओ जितेंद्रसिंह सांदू, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक प्रवीण प्रकाश चौहान उपस्थित रहे। इनके अलावा पर्यटन अधिकारी खेमेंद्रसिंह जाम, समाजसेवी अरुण पुरोहित, चंद्रप्रकाश व्यास और प्रमुख पर्यटन व्यवसाई जितेंद्र सिंह राठौड़, कैलाश व्यास सहित बीएसएफ, वायुसेना और पुलिस के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। चार दिन, चार रंग: महोत्सव के आकर्षण


