राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन का सियासी विवाद फिर बढ़ गया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन की मान्यता रद्द कर दी है। इसके बाद हेल्थ मिनिस्टर गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर भी एडहॉक कमेटी से बाहर हो गए हैं। धनंजय सिंह जोधपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष थे। वहीं कोर्ट ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन एडहॉक कमेटी के चार सदस्यों के फैसले को भी स्थगित कर दिया है। एडहॉक कमेटी के आदेश पर रोक लगाई
राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) से जुड़े अहम मामले में बड़ा अंतरिम आदेश दिया है। न्यायाधीश सुनील बेनीवाल की एकलपीठ ने एडहॉक कमेटी के 2 नवंबर 2025 को पारित आदेश और संचालन पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने अगली सुनवाई तक इस आदेश पर रोक लगाई है। यह आदेश बीकानेर निवासी नरेश गहलोत की ओर से दायर याचिका पर दिया गया। याचिका में कहा गया था कि RCA ने 11 अक्टूबर 2025 को अपने आदेश के जरिए डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन जोधपुर (DCA) को डिस एफिलिएट (असंबद्ध) कर दिया था। इसके बावजूद 2 नवंबर को पारित विवादित आदेश में DCA के तत्कालीन अध्यक्ष धनंजय सिंह ने एडहॉक कमेटी के सदस्य के रूप में हिस्सा लिया, जो नियमों के खिलाफ था। हाईकोर्ट ने सभी सदस्यों को जारी किए नोटिस
याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट में तर्क दिया कि जब DCA पहले ही डिस एफिलिएट (असंबद्ध) हो चुका था, तब उसके अध्यक्ष को RCA की एडहॉक कमेटी का सदस्य नहीं माना जा सकता। ऐसे में न तो वे बैठक में हिस्सा लेने के पात्र थे और न ही आदेश पारित करने के अधिकारी। वहीं मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने सभी सदस्यों को नोटिस जारी करते हुए स्टे एप्लिकेशन पर भी नोटिस जारी किया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब जहां एडहॉक कमेटी के चार सदस्यों द्वारा बनाई गई सिलेक्शन कमेटी पर रोक लग गई है। वहीं जोधपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन की मान्यता भी खत्म हो गई है। ऐसे में यह फैसला राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के राजनीति में नया सियासी बवाल लेकर आया है।


