बुरहानपुर में बेटा ही निकला पिता का हत्यारा:विवाद के बाद शॉल से गला घोंटा; शव मक्के के खेत में फेंक दिया था

बुरहानपुर के नेपानगर पुलिस ने शुक्रवार को एक अंधे कत्ल का खुलासा किया है, जिसमें मृतक का बेटा ही आरोपी निकला। दरअसल, बुरहानपुर जिले के ग्राम बाकड़ी में 6 दिसंबर 2025 को 58 वर्षीय एक बुजुर्ग का शव मिला था। शव की पहचान खुमसिंग मीठाराम के रूप में हुई। उसके बेटे नंदराम (22) ने पुलिस को बताया था कि उसके पिता घर से कहीं चले गए थे और बाद में उनका शव मिला। नंदराम ने पुलिस को यह भी बताया था कि उसके पिता का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था और वे बार-बार घर से भाग जाते थे। पीएम में गला घोंटने की बात सामने आई
हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुमसिंग की मौत का कारण गला घुटने से होना बताया गया। इसके अलावा, शव पर चोटों के निशान भी मिले थे, जिससे पुलिस को पहले ही संदेह हो गया था। डॉक्टरों ने भी आशंका जताई थी कि शव को फेंका गया होगा और पेट में खाना होने व हाथ दबे होने जैसे कई अन्य संकेत भी मिले थे। पुलिस जांच में सामने आया कि घटना वाली रात आरोपी बेटे नंदराम का अपने पिता से विवाद हुआ था। विवाद के दौरान नंदराम ने अपने पिता की शॉल खींची, जो उनके गले में कस गई, जिससे उनकी मौत हो गई। पिता की मौत के बाद नंदराम घबरा गया और उसने शव को एक मक्के के खेत में फेंक दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस की गहन जांच के बाद नंदराम को गिरफ्तार कर लिया गया। नेपानगर थाना प्रभारी ज्ञानू जायसवाल के अनुसार, आरोपी बेटे को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। हत्या के बाद खुद ने FIR कराई थी
नंदराम ने नेपा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके पिता खुम सिंग पिता मीठाराम 4-5 दिसंबर बुधवार, गुरुवार की दरमियानी रात से कहीं चले गए हैं। तलाश करने पर भी पता नहीं लगा। 6 दिसंबर सुबह 8 बजे बकरी चराने गई गांव की एक लड़की को सुबला भील के खेत में लाश नजर आई। उसने यह बात अपने परिजनों को बताई। नंदराम और उसके रिश्तेदार भी वहां पहुंचे। मृतक नंदराम का पिता खुमसिग था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव बरामद कर पोस्टमॉर्टम कराया था। पुलिस ने अज्ञात आरोपी पर केस दर्ज किया। पुलिस ने परिजनों की कॉल डिटेल खंगाली। शक की सुई घर वालों पर ही गई तब इसी दिशा में जांच की गई।
पहले झूठी कहानी बताई थी, फिर कबूला
इधर, मृतक खुम सिंग के बेटे नंदराम से पूछताछ में उसने अपना जुर्म स्वीकार किया। उसने पहले पुलिस को झूठी कहानी बताई थी, लेकिन सख्ती से पूछताछ में बताया 4-5 दिसंबर की दरमियानी रात पिता से विवाद हुआ था। वह सो नहीं रहा था। बार बार उठकर इधर, उधर जा रहा था। इस दौरान रात 1 बजे उसे सोने को कहा तो वह भागने लगा। उसके गले में शॉल थी। शॉल के एक हिस्से को खींचने पर वह जोर से कसा गई जिससे गला कसने पर वह आंगन में गिर गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घर से 700-800 मीटर दूर फेंक आया था शव
केस में फंसने के डर से लाश को घर से 700 से 800 मीटर दूर एक मक्के के खेत में फेंक आया। रात में ही दोस्त दिनेश और रिश्तेदार कैलाश को जाकर बताया कि उसका पिता खुम सिंग कहीं भाग गया है। रात में ढूंढने का नाटक भी किया। 5 दिसंबर को भी गांववालों के साथ पिता की लाश को ढूंढा। पूरे मामले में टीआई ज्ञानू जायसवाल, उपनिरीक्षक शहाबुद्दीन कुरैशी, सहायक उपनिरीक्षक दुर्गापाल, आरक्षक गजेंद्र, लाल सिग की भूमिका सराहनीय रही।

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