रायसेन शहर में चल रही ऐतिहासिक श्री रामलीला महोत्सव का समापन शुक्रवार को रावण दहन के साथ हुआ। इस अवसर पर 35 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया, जिसके साथ रंगीन आतिशबाजी भी की जाएगी। मैदान ‘श्री राम जय राम’ के जयकारों से गूंजेगा। समापन पर दिनभर मेले में भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने परिवार सहित झूलों और चाट-फुल्की का आनंद लिया, साथ ही जमकर खरीदारी भी की। रामलीला मैदान में भगवान श्री राम और रावण की सेना के बीच युद्ध की लीला का मंचन किया गया, जिसे देखने के लिए भी बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे। रंगीन लाइटों से सजा मैदान
रावण दहन के लिए 35 फीट ऊंचा पुतला मैदान में तैयार किया गया था। पूरे मैदान को रंगीन लाइटों से सजाया गया था। युद्ध के मंचन के बाद पुतले का दहन किया गया, जिसके साथ ही आसमान में आतिशबाजी की गई। रामलीला बीते 25 दिनों से स्थानीय कलाकारों द्वारा मंचित की जा रही थी। परंपरा के तहत शोभायात्रा निकाली
रावण वध के दौरान एक प्राचीन परंपरा के तहत शोभायात्रा भी निकाली गई। बावड़ीपुरा हनुमान मंदिर से ‘जय महावीर तेरी जय रघुवीर’ समिति के तत्वावधान में वीर हनुमान का मुखौटा धारण कर यह शोभायात्रा शुरू हुई। इस वर्ष 40 किलोग्राम का मुखौटा मिथिलेश यादव ने धारण किया। शोभायात्रा से पहले मंदिर में बजरंगबली की विधि-विधान से आरती की गई। इसके बाद ढोल-नगाड़ों के साथ शोभायात्रा शुरू हुई। मार्ग में जगह-जगह वीर हनुमान मुखौटे की पूजा-अर्चना की गई। यह शोभायात्रा मालीपुरा, तिपट्टा बाजार, दुर्गा चौक, इंडिया चौराहा, मुख्य बाजार, गंज बाजार और सागर राय से होते हुए रामलीला मैदान पहुंची। देखिए तस्वीरें…


