बैतूल के चिचोली थाना क्षेत्र के ग्राम कोंडर में पिता की हत्या के दोषी बेटे को अदालत ने सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने यह फैसला शुक्रवार देर शाम सुनाया। लोक अभियोजक नितिन मिश्रा और अपर लोक अभियोजक गोवर्धन मालवीय ने इस मामले की पैरवी की। आरोपी अशोक वाडिया (27) घटना के दिन से ही जेल में बंद था। अदालत ने उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और दो हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। यह घटना 24 अप्रैल 2024 की रात को हुई थी। ग्राम कोंडर निवासी साल्कराम वाडिया अपने घर में सो रहे थे। रात करीब डेढ़ बजे उनका बेटा अशोक शराब के नशे में घर लौटा और पिता से झगड़ने लगा। अशोक ने आरोप लगाया कि उसके पिता गांव में उसे शराबी कहकर बदनाम कर रहे हैं। इसी बात पर तैश में आकर अशोक ने अपने साथ लाई लकड़ी से पिता पर हमला कर दिया। इस मारपीट में साल्कराम के सिर और छाती पर गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद उनके दूसरे बेटे मनोज वाडिया ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद साल्कराम को मृत घोषित कर दिया। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर संतोष रघुवंशी ने की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि गंभीर मारपीट के कारण मृतक की पसलियों के पास की रक्त वाहिकाएं फट गई थीं, जिससे उनकी मौत हुई। लगभग 625 दिनों की सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी अशोक वाडिया को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।


