भास्कर न्यूज। रांची
एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की धनबाद शाखा ने गुरुवार को रिंग रोड भू-अर्जन घोटाले में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी (डीएलएओ) समेत 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को पूछताछ के बाद निगरानी कोर्ट में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी के लिए एसीबी की टीम गुरुवार को ही गठित की गई थी। टीम ने धनबाद के अलावा रांची, बोकारो और देवघर में छापेमारी कर आरोपियों को पकड़ा। एसीबी के अनुसार इस मामले में कुल 31 आरोपी हैं। इनमें से एक साथ 17 की गिरफ्तारी की गई है। शेष आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है। जांच एजेंसी ने इन्हें किया गिरफ्तार जांच में क्या-क्या खुलासा हुआ 2015 में उजागर हुआ घोटाला, 2016 में दर्ज हुई प्राथमिकी
धनबाद रिंग रोड भू-अर्जन घोटाला 2015 में सामने आया था। 2016 में एसीबी ने कांड संख्या 32/16 दर्ज की थी। जांच में सामने आया कि करीब 20 करोड़ रु. के घोटाले को अंजाम दिया गया। जमीन आज भी रैयतों के पास… जांच में पता चला कि दूहाटांड़, धनबाद, धोखरा और दूहाटांड़ मौजा में फर्जी डीड के आधार पर मुआवजा ले लिया, जबकि जमीन आज भी रैयतों के कब्जे में है।


