भास्कर न्यूज|अमृतसर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर के लैटर पर सकत्तरी बाग के बाहर अवैध कब्जा हटाने के लिए एडीसी जनरल ने नायब तहसीलदार-1 को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाते हुए 9 जनवरी को सुबह 10 बजे कार्रवाई निर्धारित की थी। पर उसी दिन नशा विरुद्ध अभियान व जंडियाला में रजिस्ट्रियों से जुड़ा काम होने के कारण नायब तहसीलदार नहीं पहुंच सके और अवैध कब्जे से जुड़ी कार्रवाई अटक गई। जिसके बाद नायब तहसीलदार ने एडीसी जनरल को लैटर लिखा है कि सकत्तरी बाग के बाहर अवैध कब्जा हटाने के लिए ड्यूटी लगाई गई थी। लेकिन युद्ध नशे विरुद्ध में ड्यूटी लगी थी। वहीं जंडियाला गुरु में रजिस्ट्रियों के अप्रूवल का काम होने के कारण पब्लिक को परेशानी उठानी पड़ती। इसलिए सकत्तरी बाग का कब्जा नहीं दिलाया जा सका। यह कब्जा हटवाने के लिए अब अगली तारीख दी जाए। बता दें कि 8 जनवरी को आदेश जारी किया गया कि 9 जनवरी को सुबह 10 बजे अवैध कब्जा हटाया जाना है। पर नायब तहसीलदार के 24 घंटे के शेड्यूल ही अफसरों को नहीं पता है। जब अगले दिन युद्ध नशा विरुद्ध में ड्यूटी थी और रजिस्ट्रियों का काम भी किया जाना था तो ड्यूटी मजिस्ट्रेट क्यों लगाया गया? बता दें कि गत बुधवार को एडीसी जनरल की तरफ से जारी लैटर में लिखा गया था कि नायब तहसीलदार-1 को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया जाता है। जिससे लॉ-एंड ऑर्डर को मेंटेन किया जा सके। कार्रवाई के दौरान एस्टेट अफसर निगम मौजूद रहेंगे।


