जांच में खुली पोल, सुपारी निकली अमानक, 15.50 लाख का जुर्माना

भास्कर न्यूज | महासमुंद खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के उल्लंघन पर महासमुंद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी न्यायालय ने अमानक सुपारी के मामले में कोलकाता की एक फर्म और ट्रक संचालक पर कुल 15 लाख 50 हजार रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। सिंघोड़ा पुलिस ने बताया कि यह मामला 24 जनवरी का है, जब थाना प्रभारी सिंघोड़ा (सरायपाली) से मिली गुप्त सूचना के आधार पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी शंखनाद भोई के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम ने थाना परिसर में एक संदिग्ध ट्रक कंटेनर की जांच की, जिसमें भारी मात्रा में सुपारी लदी हुई थी। जांच के दौरान सुपारी मालिक और ट्रक संचालक परिवहन के लिए आवश्यक वैध खाद्य लाइसेंस (अनुज्ञप्ति) पेश नहीं कर सके। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके पर ही सुपारी के नमूने जब्त कर उन्हें गुणवत्ता जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि सुपारी का नमूना ”अवमानक” है, जो मानव उपभोग के लिए उचित नहीं है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने अभियोजन स्वीकृति प्राप्त कर मामले को अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी और न्याय निर्णयन अधिकारी महासमुंद के न्यायालय में पेश किया गया। विचारण के बाद न्यायालय सुपारी संचालक राजकमल सिंह (फर्म: मेसर्स कमल इंटरप्राइजेज, कोलकाता) को अधिनियम की धारा 51 और 63 के तहत दोषी पाया गया। उन पर 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। बिना वैध लाइसेंस के खाद्य पदार्थ का परिवहन करने पर कंटेनर मालिक मुकेश साहनी पर धारा 63 के तहत 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

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