भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा गीदम वेयरहाउस में विभागीय लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। करीब 30 हजार क्विंटल चावल खराब हो गया और इसका सीधा असर पीडीएस उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। रजत जयंती वर्ष के तहत 2 से 9 जनवरी तक चावल उत्सव मनाने की घोषणा जरूर की गई, लेकिन दंतेवाड़ा और बीजापुर में यह उत्सव पूरी तरह फीका साबित हुआ है। जिले की 75 पीडीएस दुकानों में अभी तक जनवरी महीने का चावल नहीं पहुंचा, जिससे 80 हजार राशन कार्डधारियों में लगभग 40 हजार कार्डधारी, यानी करीब सवा लाख लोग, जनवरी के राशन से वंचित हैं। खाद्य विभाग दावा कर रहा है कि 20 जनवरी तक सभी दुकानों तक चावल पहुंचा दिया जाएगा, लेकिन चावल उत्सव के असफल होने पर अधिकारी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहे हैं। यह पूरा मामला विभागीय लापरवाही, करोड़ों की क्षति और जनता की परेशानी का गंभीर उदाहरण बन चुका है। खराब चावल भी दुकानों में पहुंचाया: जिले की आधी से अधिक पीडीएस दुकानों में जो चावल भेजा गया है, उसकी गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कुम्हररास पीडीएस दुकान में भी वेयरहाउस जैसा ही चावल पाया गया। दुकानदारों ने खराब चावल को अलग करने की बात कही है और हितग्राहियों को वितरण न करने की पुष्टि की है। सवाल यह उठ रहा है कि वेयरहाउस में जिस चावल को खराब बताया जा रहा है, वही गुणवत्ता का चावल पीडीएस दुकानों तक कैसे पहुंच गया? गीदम वेयरहाउस में चावल खराब होने से जहां 18 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है, वहीं पूरी पीडीएस प्रणाली अव्यवस्थित हो गई है। 20 जनवरी तक दुकानों में पहुंचेगा चावल: कौशिक जिला खाद्य अधिकारी कीर्ति कुमार कौशिक ने बताया कि जिले में अभी भी 70 से 75 दुकानों में चावल नहीं पहुंचा है, लेकिन 20 जनवरी तक सप्लाई पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने स्पष्टीकरण दिया कि इस महीने पोर्टल देर से खुलने के कारण भी वितरण में देरी हुई। गोदाम की जांच रिपोर्ट भेज दी गई है और कौन-कौन जिम्मेदार हैं, यह अधिकारी तय करेंगे। एक हफ्ता बीता, लेकिन दोषियों पर कार्रवाई नहीं जांच रिपोर्ट एमडी तक भेजी जा चुकी है, पर अब तक किसी बड़े जिम्मेदार पर कार्रवाई नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार क्वालिटी इंस्पेक्टर की राजधानी तक मजबूत पकड़ होने की वजह से विभाग ठोस कार्रवाई करने में हिचक रहा है। नोटिस जारी कर बयान ले लिया गया है, लेकिन एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी कार्रवाई अटकी हुई है।


