भास्कर न्यूज | नारायणपुर बस्तर की सबसे संवेदनशील मानी जाने वाली अबूझमाड़ की धरती मंगलवार को ऐतिहासिक दृश्य की साक्षी बनी, जब उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ओरछा पहुंचे। जनचौपाल स्थल पर इतना बड़ा जनसैलाब उमड़ा कि बैठने की जगह कम पड़ गई। ग्रामीण, मांझी-चालकी, समाज प्रमुख, गायता, सिरहा, गुनिया, सरपंच और स्व-सहायता समूहों की महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। गृह मंत्री ने नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत शामिल ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा अबूझमाड़ तेजी से माओवाद से मुक्त हो रहा है, और सरकार बस्तर के हर घर में शांति व सुख-समृद्धि लाने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि स्थायी विकास तभी संभव है जब समाज हिंसा को नकारकर मुख्यधारा से जुड़े। उन्होंने यह भी कहा कि शासन गांवों के लिए नया विकास मॉडल तैयार कर रहा है, जिसमें महिला समूहों और युवाओं को वन संपदा के प्रसंस्करण व विपणन से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि वन संपदा के बेहतर प्रसंस्करण से स्थानीय लोग सिर्फ संग्राहक ही नहीं, बल्कि उत्पादक और व्यावसायिक स्तर पर मजबूत बनेंगे। माओवादी रास्ता छोड़ने की अपील : गृह मंत्री ने समाज प्रमुखों से आग्रह किया कि वे युवाओं को माओवादी गतिविधियों से दूर कर मुख्यधारा में लाने में सहयोग करें। उन्होंने बताया कि जिन ग्रामों में सभी युवक मुख्यधारा में लौटकर गांव को हिंसा-मुक्त घोषित करेंगे, उन्हें इलवद पंचायत योजना के तहत 1 करोड़ रुपये अतिरिक्त विकास राशि दी जाएगी। ग्रामीण बोले- सड़क, बिजली, सुरक्षा से बदला माहौल : जनचौपाल में ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों तक विकास रुका रहा, लेकिन अब सड़क, बिजली और जन सुविधा कैंपों की वजह से गांवों में तेजी से बदलाव आ रहा है। ग्रामीणों ने कहा अब शाम को अकेले दूसरे गांव जाना डरावना नहीं रहा। महिलाओं के आग्रह पर गृह मंत्री ने ओरछा में महतारी सदन और स्टोरेज सेंटर बनाने की घोषणा की। वहीं, तोयनार और कोड़मेटा के लिए सड़क निर्माण स्वीकृति की जानकारी भी दी। गृह मंत्री ने निशुल्क सरस्वती साइकिल योजना के तहत 20 छात्राओं को साइकिल भेंट की। जनचौपाल में उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पेयजल, सड़क व बिजली से जुड़ी समस्याओं का फीडबैक लिया। अधिकारियों को योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, जनपद अध्यक्ष नरेश कोर्राम, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, आईजी सुंदरराज पी., बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुड़िया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अबूझमाड़ के ओरछा में आयोजित यह जनचौपाल सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि शांति और विकास की दिशा में बस्तर के नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।


