ऑनलाइन फ्रॉड का नया पैटर्न…:ट्रेन की फर्जी टिकट बनाकर मजदूरों को भेजने के नाम पर लाखों की ठगी

राजधानी में ठगी का एक नया और चौंकाने वाला तरीका सामने आया है। फर्जी ट्रेन टिकट बनाकर मजदूरों को भेजने के नाम पर कारोबारियों से लाखों रुपए की ठगी की जा रही है। इस तरह के पैटर्न से ठगी का यह पहला मामला है। इससे रेलवे अधिकारी भी हैरान हैं। दरअसल, छत्तीसगढ़ में फैक्ट्री मालिकों, कंस्ट्रक्शन ठेकेदारों और सरकारी टेंडर लेने वाली कंपनियों को लगातार मजदूरों की आवश्यकता पड़ती है। इसके लिए वे पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों से मजदूर बुलाते हैं। ठग इसी जरूरत का फायदा उठा रहे हैं। आरोपी खुद को भरोसेमंद एजेंट बताकर कंपनियों से मजदूरों को ट्रेन से भेजने का दावा करते हैं और इसके बदले यात्रा खर्च की मांग करते हैं। भरोसा जीतने के लिए ठग रेलवे की फर्जी टिकट भी भेजते हैं। इसके बाद यह कहकर और रकम वसूली जाती है कि मजदूर ट्रेन में गैस सिलेंडर या अन्य प्रतिबंधित सामान लेकर सफर कर रहे थे, इसलिए उन्हें रोक लिया गया है और जुर्माना जमा कराने के बाद ही छोड़ा जाएगा। कारोबारी झांसे में आकर बड़ी रकम ट्रांसफर कर देते हैं। बाद में पता चलता है कि न तो मजदूर भेजे गए और न ही किसी ट्रेन में ऐसी कोई कार्रवाई हुई। प्रदेशभर में इस तरह की ठगी के आधा दर्जन से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। फिलहाल मामले की जांच साइबर सेल कर रही है। नामी वेबसाइट पर दिए गए नंबरों से हर हफ्ते हो रही ठगी दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि मुंबई की साईबा प्रोडक्शन कंपनी स्कीम आयरन बनाने का काम करती है। कंपनी के संचालक बेचन शर्मा को मजदूरों की जरूरत थी। उन्होंने एक वेबसाइट पर दिए गए मोबाइल नंबर 9832441995 पर संपर्क किया, जो पश्चिम बंगाल के मेदनीपुर का था। कंपनी ने मजदूरों को ट्रेन से भेजने की बात कही और टिकट के लिए पांच हजार रुपए एडवांस मांग लिए। बेचन ने ऑनलाइन पैसा भेजा। इसके बाद ठगों ने फर्जी रेलवे टिकट भेजकर बताया कि ट्रेन बिलासपुर पहुंच गई है और मजदूरों ने गलती से छोटा बैग लिया है। आरपीएफ का बहाना बनाकर 5 हजार रुपए फिर मांग लिए। बेचन ने फिर पैसे जमा किए। बाद में आरपीएफ ने 25 हजार रुपए मांग लिए, जिससे बेचन ने 10 हजार और भेज दिए। कई घंटे बाद पता चला कि यह पूरी कहानी ऑनलाइन ठगी थी और बेचन का नुकसान हो गया। रेलवे ने भी किया अलर्ट, जालसाजों से बचे अफसरों से कहा- फर्जी टिकट जांचे
नए पैटर्न से ऑनलाइन ठगी होने के बाद रेलवे ने भी अलर्ट जारी किया है कि वे इस तरह की ठगी से बचें। अफसरों ने टिकट जांचने की भी अपील की है। क्योंकि फर्जी ट्रेन टिकट की पहचान आसानी से की जा सकती है। ऐसे ही एक और मामले में 20 हजार की ठगी कर ली ही। एक कपड़ा फैक्ट्री के संचालक को मजदूरों की जरूरत थी। उन्होंने वेबसाइट पर दिए नंबर पर फोन किया तो ठगों ने मजदूर भेजने की बात रही। एडवांस में 10 हजार ले लिए। इसके बाद फिर उसी तरह से आरपीएफ का डर दिखाकर 10 हजार और ठग लिए गए। बाद में ठगों ने मोबाइल बंद कर दिया। टिकट में यात्री का नाम तक लिखते हैं घर से ही देखते हैं लाइव लोकेशन
फर्जी ट्रेन टिकट बनाने वाले ऐसी टिकट बनाते हैं, जो आसानी से जांची जा सकती है। फर्जी टिकट में सफर करने वाले यात्री का नाम लिख दिया जाता है, जबकि टिकट में यात्री का नाम नहीं बल्कि मेल-फीमेल और उम्र लिखी होती है। फर्जीवाड़ा करने वाले इतने शातिर हैं कि वे ट्रेन में सवार नहीं होते बल्कि घर पर ही बैठकर ट्रेन का लोकेशन लेते रहते हैं। ट्रेन जैसे ही हावड़ा से बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, गोंदिया या नागपुर पहुंचती है फर्जीवाड़ा शुरू हो जाता है। इसके बाद कंपनी संचालक को फोन कर पूरी जानकारी देता है। हर पल पूरी अपडेट भी करता है। अभी कर रहे हैं जांच
फर्जी ट्रेन टिकट बनाने की सूचना मिली है। नए पैटर्न से ऑनलाइन ठगी की जा रही है। यह गंभीर मामला है। इसकी सूचना रायपुर एसएसपी को भी दी गई है। लोगों को भी इसके लिए सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसा कोई करता है तो ट्रेन टिकट की सावधानी से जांच करें। -रमन कुमार, कमांडेंट रायपुर रेलवे मंडल

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *