छत्तीसगढ़ में इन दिनों कड़ाके की ठंड का असर साफ तौर पर देखस रहा है। उत्तर भारत से लगातार आ रही बर्फीली हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रात का तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंड का असर और बढ़ेगा। खासतौर पर उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अच्छी ठंड पड़ने के साथ-साथ शीतलहर चलने की भी संभावना जताई गई है। जनवरी का दूसरा पखवाड़ा लगभग समाप्त होने को है और इस समय छत्तीसगढ़ में ठंड अपने चरम पर रहती है। दिसंबर के बाद जनवरी का महीना सबसे ठंडा माना जाता है और इस बार भी यही स्थिति बनी हुई है। शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में ठंड ने लोगों को खासा परेशान किया। सबसे ज्यादा ठंड अंबिकापुर में दर्ज की गई। यहां न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह सामान्य तापमान से करीब 4.3 डिग्री कम है। अंबिकापुर के आसपास के पहाड़ी इलाकों, जैसे सामरी और मैनपाट, में स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है। इन क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। मौसम विभाग ने यहां शीतलहर चलने की पुष्टि की है। ठंड के कारण सुबह और रात के समय जनजीवन प्रभावित हो रहा है और लोग अलाव तथा गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं। मध्य छत्तीसगढ़ के दुर्ग और राजनांदगांव जिलों में भी ठंड का असर साफ दिखाई दे रहा है। इन इलाकों में न्यूनतम तापमान 8 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.5 से 4.7 डिग्री कम है। इन क्षेत्रों में भी शीतलहर जैसी स्थिति बनी हुई है। राजधानी रायपुर में ठंड अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन यहां भी न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 1 डिग्री कम है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दो-तीन दिनों तक प्रदेश में ठंड का असर बना रहेगा और कुछ स्थानों पर शीतलहर चलने की संभावना है। लोगों को सावधानी बरतने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। कहां-कितना रात का तापमान


