बोर्ड परीक्षा में अब कुछ दिन ही बाकी हैं। चिंता डी और ई-ग्रेड के छात्रों के कारण रिजल्ट बिगड़ने की है। इसी कारण एक्स्ट्रा क्लास लगाने के निर्देश हैं। दूसरी तरफ हकीकत यह है कि जिन शिक्षकों पर रिजल्ट सुधारने का जिम्मा है वे एसआईआर में लगे हैं। शुक्रवार को एक्स्ट्रा क्लास और रिजल्ट सुधार के मुद्दे पर ही प्राचार्यों के साथ बाल भवन में बैठक हुई। इसमें कलेक्टर रुचिका चौहान, जिला पंचायत सीईओ सोजान सिंह रावत आदि ने कहा कि जो बच्चे पढ़ाई में कमजोर हैं उनके लिए विशेष कक्षाएं लगाई जाएं, जो रिजल्ट सुधारने के प्रयास नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि जो शिक्षक एसआईआर में सुपरवाइजर हैं वे इस काम के साथ स्कूल में पढ़ाने जाएं, एक्स्ट्रा क्लास भी लें। जिनकी कमी से दिक्कत, उन्हें बदलने की दी सूची परीक्षा नजदीक है, इसलिए डीईओ हरिओम चतुर्वेदी ने 60 से अधिक ऐसे शिक्षकों की सूची कलेक्टर को सौंपी जिनका परीक्षा के समय स्कूल में होना जरूरी है। इन्हें प्रशासन ने एसआईआर में लगा रखा है। इन शिक्षकों के बदले दूसरे शिक्षक एसआईआर में लगाने के लिए भी सूची दी गई है। इनमें सर्वाधिक शिक्षक गणित व विज्ञान विषय के हैं। दिक्कत के बाद भी लग रहीं एक्स्ट्रा क्लास एसआईआर के कारण गोरखी स्कूल में ज्यादा दिक्कत है। यहां 52 में से लगभग 32 शिक्षक बीएलओ और सुपरवाइजर हैं। गणित पढ़ाने वाला कोई नहीं है। जनकगंज स्कूल में 35 छात्र डी और ई-ग्रेड के हैं। यहां के 5 शिक्षक बीएलओ व सुपरवाइजर हैं। गजराराजा स्कूल के भी 10 शिक्षक एसआईआर में लगे हैं। प्राचार्यों ने कहा- विषय के शिक्षक कम बैठक में 138 प्राचार्य बुलाए गए थे कुछ नहीं पहुंचे। जो थे उनमें से कुछ ने कहा कि विषय के एक्सपर्ट शिक्षक बीएलओ बना दिए हैं। इससे पढ़ाई बाधित हो रही है। इस पर कलेक्टर ने कहा कि जो बीएलओ का काम कर रहे हैं वे वह वहीं पास के स्कूल में कम से कम दो पीरियड जरूर लें।


