भास्कर संवाददाता | श्रीगंगानगर हारे के सहारे और कलियुग के अवतारी बाबा श्याम की महिमा का गुणगान शुक्रवार दोपहर से गगन पथ स्थित अमर पैलेस में श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हुआ। नागपाल चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय श्री श्याम कथा के पहले दिन पूरा परिसर श्याम के भजनों और जयकारों से गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य यजमान अश्विनी नागपाल व अमित सिंगला द्वारा पूजा-अर्चना के साथ की गई। वृंदावन धाम के कथावाचक सत्य कृष्ण महाराज ने श्रद्धालुओं को बाबा श्याम की महिमा से भाव-विभोर कर दिया। कथा के दौरान उन्होंने बाबा श्याम के तीन बाणों के आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व को सरल शब्दों में समझाया, जिसे सुनकर पंडाल में मौजूद भक्त गहरे भाव में डूबते नजर आए। बाबा श्याम के तीन बाण केवल प्रतीक नहीं, बल्कि भक्तों के जीवन से जुड़े गहरे संदेश हैं। पहला बाण भक्तों के कष्ट हरने का संकेत देता है, दूसरा धर्म की रक्षा का प्रतीक है और तीसरा अधर्म के विनाश का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी निष्फल नहीं जाती। कथा के दौरान श्री बांके बिहारी मंदिर के मुख्य सेवादार अनंत गोस्वामी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति ने माहौल को और भी आध्यात्मिक बना दिया। इस दौरान बाबा श्याम का मनमोहक दरबार भी सजाया गया। कथा में रोजाना सवामणियों का भोग लगाकर प्रसाद श्रद्धालुओं में होगा वितरित : कथावाचक सत्यकृष्ण महाराज ने बताया कि जब मनुष्य चारों ओर से हार जाता है। तब वह बाबा श्याम की शरण में आता है। इसी भाव को प्रकट करते हुए कहा जाता है, हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा। ट्रस्टी डॉ. अश्वनी नागपाल के अनुसार 10 जनवरी को कथा के साथ-साथ पैलेस में सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक शिविर भी लगाया जाएगा। इस शिविर के लिए अब तक 3 हजार+ लोग ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किए जा चुके हैं। नागपाल चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष अक्षत नागपाल व डॉ. अश्वनी नागपाल ने बताया कि श्री श्याम कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 2 से 5 बजे तक होगा।


