सवाई माधोपुर के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में आने वाले पर्यटकों को अब जंगल सफारी के दौरान बदले हुए वाहन नजर आएंगे। वन विभाग ने सफारी व्यवस्था को पारदर्शी और अनुशासित बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। जनवरी महीने के बाद रणथंभौर में चलने वाली सभी जिप्सी और कैंटरों में टू-वे डैश कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए विभाग की ओर से पूरी तैयारी कर ली गई है। सरकार के निर्देश पर लिया गया फैसला रणथंभौर टाइगर रिजर्व पर्यटन डीएफओ संजीव शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से सभी पर्यटन वाहनों में टू-वे डैश कैमरा लगाने के निर्देश मिले हैं। इसी क्रम में जनवरी माह से रणथंभौर के सभी सफारी वाहनों में यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कैमरे लगाने का मुख्य उद्देश्य जंगल सफारी के दौरान होने वाली अनियमितताओं पर रोक लगाना है। नियम तोड़ने पर कैमरा बनेगा सबूत डीएफओ शर्मा ने बताया कि अब यदि कोई वाहन चालक या गाइड नियमों का उल्लंघन करता है, तो कैमरे की रिकॉर्डिंग कार्रवाई के दौरान ठोस सबूत के रूप में काम करेगी। इन रिकॉर्डिंग के जरिए यह स्पष्ट किया जा सकेगा कि – इससे वन विभाग को निगरानी और कार्रवाई दोनों में आसानी होगी। कैसे काम करेगा टू-वे डैश कैमरा? वन विभाग के अनुसार टू-वे डैश कैमरा पर्यटन वाहनों में आगे और अंदर दोनों तरफ की वीडियो रिकॉर्डिंग करेगा। पर्यटकों की सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ेगी वन विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से न केवल नियमों का सख्ती से पालन होगा, बल्कि पर्यटकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। साथ ही सफारी संचालन में पारदर्शिता आएगी और मनमानी पर पूरी तरह से अंकुश लगेगा। सफारी सिस्टम होगा हाईटेक रणथंभौर में यह कदम सफारी सिस्टम को हाईटेक और मॉनिटरिंग आधारित बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। आने वाले समय में इससे वन्यजीव संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।


