ग्वालियर में शनिवार सुबह कोहरे से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन शीत लहर का असर अब भी पूरी तरह से बना हुआ है। सुबह करीब 9 बजे सूर्यदेव के पूरी तरह दर्शन देने से लोगों ने राहत की सांस ली, वहीं रात के समय कड़ाके की ठंड बरकरार रही। शनिवार को शहर का न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले सीजन की सबसे ठंडी रात रही थी, जब तापमान 5 डिग्री तक पहुंच गया था। जम्मू-कश्मीर से आ रही बर्फीली हवाओं ने पूरे चंबल अंचल को ठिठुरा दिया है। ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे सर्दी की चुभन आमजन को दिन-रात महसूस हो रही है। हालात ऐसे हैं कि दिन में भी लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। शहर के चौराहों पर जलती आग ठंड से बचने का प्रमुख जरिया बनी हुई है। शीत लहर के चलते लोग बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। हालांकि शनिवार को निकली धूप से लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी है। दो दिन और बढ़ सकता है कोहरा, ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार आगामी दो दिनों तक कोहरे का असर और बढ़ सकता है। बढ़ती ठंड को देखते हुए विभाग ने 10 जनवरी तक कड़ाके की सर्दी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बर्फीली हवाओं के कारण रात के तापमान में अभी और गिरावट आ सकती है। मकर संक्रांति तक सर्दी का सितम इसी तरह बने रहने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ी ठंड मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है और ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से तेज गति से ठंडी हवाएं प्रदेश की ओर बढ़ रही हैं। यही कारण है कि ग्वालियर समेत प्रदेश के कई जिलों में रातें लगातार ठंडी होती जा रही हैं। आने वाले दिनों में तापमान और नीचे जा सकता है। कोहरे से ट्रेनें भी प्रभावित ठंड और कोहरे का सबसे ज्यादा असर रेल यातायात पर देखने को मिल रहा है। कई ट्रेनें 8 से 9 घंटे तक देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वंदे भारत और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनें भी 3 से 4 घंटे की देरी से ग्वालियर पहुंच रही हैं। देरी के कारण कई यात्रियों ने अपनी यात्राएं तक रद्द कर दी हैं।


