बीकानेर में सर्दी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। जिला प्रशासन ने नर्सरी से आठवीं तक के स्टूडेंट्स की छुट्टी कर दी है लेकिन नौंवी से बारहवीं के स्टूडेंट्स के लिए भी स्कूल जाना मुश्किल हो रहा हैं। स्कूल का समय सुबह दस बजे है लेकिन दस बजे भी घना कोहरा पूरे शहर को अपनी आगोश में लिए हुए हैं। बुधवार को शहर का अधिकतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान गिरकर 5.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। दिन और रात के तापमान में बढ़ते अंतर के कारण ठिठुरन बढ़ गई है। दिन में तेज कड़ाके की सर्दी का असर सड़कों पर दिखने लगा है। सुबह दस बजे तक छाया रहा घना कोहरा सुबह पांच बजे से ही बीकानेर कोहरे की चपेट में रहा। शहर के कई हिस्सों में सुबह करीब दस बजे तक कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी प्रभावित हुई। हालांकि कोहरा बहुत घना नहीं था, लेकिन ठंडी हवा के साथ मिलकर सर्दी का अहसास ज्यादा बढ़ गया। विजिबिलिटी करीब सौ मीटर रही। स्कूलों की छुट्टी, फिर भी बच्चों को परेशानी सर्दी के चलते आठवीं तक के बच्चों की छुट्टी घोषित की गई है, लेकिन इसके बावजूद नौंवी से दसवीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल जाना आसान नहीं रहा। सुबह कोहरे और ठंडी हवाओं के बीच छात्रों को स्कूल पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कोचिंग इंस्टीट्यूट बच्चों को सुबह सवेरे बुला रहे हैं। जयपुर रोड पर स्थित कुछ कोचिंग में बच्चों को सुबह नौ बजे से पहले पहुंचना पड़ रहा है। सुबह की कोचिंग बनी मुश्किल स्कूलों के अलावा कोचिंग संस्थान सुबह के समय नियमित चल रहे हैं। कोहरे और सर्दी के बीच कोचिंग कक्षाओं में पहुंचने वाले स्टूडेंट्स को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। कई छात्र ठंड के कारण देर से पहुंच रहे हैं। शाम ढलते ही शहर में सन्नाटा सर्दी का असर शाम होते ही साफ नजर आने लगा है। रात आठ बजे के बाद ही शहर में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए। कॉलोनियों और बाजार क्षेत्रों में सन्नाटा पसरा रहा और लोग जल्दी घरों में सिमट गए। आने वाले दिनों में राहत नहीं मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में सर्दी से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है। रात का तापमान और गिर सकता है, जबकि सुबह के समय कोहरा बना रह सकता है। ऐसे में बीकानेरवासियों को अभी और ठंड झेलनी पड़ेगी।


