चूरू जिले के सिद्धमुख थाने में महिला कॉन्स्टेबल से गैंगरेप के मामले में बड़ा कदम उठाया गया है। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर सात सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। इस टीम में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और राजस्थान पुलिस सेवा (RPS) के अधिकारी भी शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक जय यादव ने शनिवार सुबह इस संबंध में आदेश जारी किए। राजगढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) रिछपाल सिंह इस सात सदस्यीय टीम का नेतृत्व करेंगे। टीम में आईपीएस अभिजीत पाटिल, साइबर थाना प्रभारी आरपीएस विजय मीणा, सरदारशहर थानाधिकारी मदनलाल विश्नोई, महिला थानाधिकारी रचना विश्नोई, राजगढ़ एएसपी कार्यालय के एएसआई अजीत कुमार, साइबर सेल के एएसआई भागीरथ और कॉन्स्टेबल रमाकांत शामिल हैं। महिला कॉन्स्टेबल द्वारा दर्ज कराए गए मामले के अनुसार, वर्ष 2017 से 2025 के बीच अलग-अलग मौकों पर उसे डरा-धमकाकर और नशीला पदार्थ पिलाकर थाने व होटल में रेप किया गया। यह मामला काफी पुराना होने के कारण इसमें कई पेचीदगियां भी सामने आई हैं। शिकायत में वर्ष 2017 में एक व्यक्ति और वर्ष 2019 में तत्कालीन थानाधिकारी सहित चार पुलिसकर्मियों पर गैंगरेप का आरोप लगाया गया है। पीड़िता महिला पुलिसकर्मी पिछले दो माह से गैरहाजिर रहने और आपराधिक मामलों में संलिप्तता के कारण निलंबित चल रही हैं। पुलिस अधीक्षक को दिए गए परिवाद के आधार पर सिद्धमुख थाने में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद पीड़िता का मेडिकल मुआयना भी करवाया गया। तीन दिन पहले इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। पुलिस अधीक्षक जय यादव ने बताया कि मामले में सच्चाई सामने लाने के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जबकि किसी भी निर्दोष को फंसाया नहीं जाएगा।


