नरवल थाने का दरोगा सस्पेंड:दहेज उत्पीड़न में 12 नामजद, 1.80 लाख रुपए लेकर 9 लोगों का नाम हटा दिया

दहेज उत्पीड़न के एक मामले में रिश्वत न मिलने पर 12 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने वाले कानपुर नरवल थाने के दरोगा संदीप को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई शुक्रवार को पीड़ित की शिकायत पर एसीपी चकेरी से कराई गई जांच के बाद की गई। नरवल के दीपापुर निवासी रोहित ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी ने उनके और परिवार के 12 सदस्यों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। रोहित के मुताबिक, विवेचना के दौरान दरोगा संदीप ने आरोपियों के नाम हटाने के बदले प्रति व्यक्ति 20 हजार रुपए की मांग की थी। नौ लोगों के नाम हटाने के लिए कुल 1 लाख 80 हजार रुपए मांगे गए। ड्यूटी के साक्ष्य देने के बाद भी नहीं हटे नाम
रोहित ने बताया कि उनकी बहन डीजीपी कार्यालय में और भाई व उसकी पत्नी आईटीबीपी में कार्यरत हैं। घटना के समय वे सभी ड्यूटी पर थे, जिसके साक्ष्य भी विवेचक को सौंपे गए थे। इसके बावजूद विवेचक ने सभी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। आपसी समझौता और तलाक के बाद भी कार्रवाई
पीड़ित के अनुसार, इस बीच पत्नी से आपसी सहमति से समझौता हो चुका था और पारिवारिक न्यायालय में तलाकनामा भी दाखिल कर दिया गया था। समझौते के तहत शादी का सारा सामान भी कोर्ट में वापस कर दिया गया था, फिर भी सभी को आरोपी बना दिया गया। डीसीपी के आदेश पर हुई जांच
गुरुवार को रोहित ने डीसीपी पूर्वी कार्यालय पहुंचकर डीसीपी सत्यजीत गुप्ता से शिकायत की। डीसीपी ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच एसीपी चकेरी अभिषेक कुमार पांडेय को सौंपी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि विवेचक ने चार्जशीट दाखिल करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं जुटाए थे। संदिग्ध भूमिका पर निलंबन
प्रारंभिक जांच में उपनिरीक्षक संदीप की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि मामले की आगे की जांच एसीपी कैंट कर रहे हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *