नागौर मंडी सरकारी खरीद में भ्रष्टाचार मामला:₹25 लाख की जब्ती के बाद फर्म प्रतिनिधियों पर गिरेगी गाज, किसानों से बयान देने की अपील

​नागौर कृषि उपज मंडी में मूंग और मूंगफली की सरकारी खरीद के दौरान हुए बड़े भ्रष्टाचार के खुलासे के बाद अब दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। नागौर को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसाइटी लिमिटेड की अध्यक्ष मधु चौधरी ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर फर्म प्रतिनिधियों व दलालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ​आयकर विभाग करेगा जांच ​भ्रष्टाचार की पुष्टि होने के बाद संस्था ने अब मामले की जांच के लिए आयकर विभाग को भी पत्र लिखा है। इतनी बड़ी नकदी का स्रोत क्या था और इसमें कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं, इसकी गहनता से जांच की जा रही है। संस्था अध्यक्ष मधु चौधरी ने स्पष्ट किया है कि काश्तकारों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ​किसानों से सहयोग की अपील ​कोतवाली थाना पुलिस ने मामले में साक्ष्य जुटाने के लिए नोटिस जारी किए हैं। पुलिस ने उन सभी किसानों से अपील की है जिनसे तुलाई के नाम पर पैसे वसूले गए थे। प्रशासन का कहना है कि किसान निर्भीक होकर अपने बयान दर्ज कराएं ताकि दोषियों के विरुद्ध ठोस चार्जशीट पेश की जा सके। ​यह है पूरा मामला ​नागौर कृषि मंडी में वर्ष 2025-26 के लिए सरकारी खरीद और परिवहन का ठेका बीकानेर की एस.के. ट्रांसपोर्ट फर्म को दिया गया था। आरोप है कि फर्म के प्रतिनिधि शीशपाल डांगा और ओमप्रकाश पालीवाल ने दलाल जोगीराम के साथ मिलकर किसानों से अनाज तुलाई की बारी जल्दी आने के नाम पर अवैध वसूली की। ​बीती 7 जनवरी को भाजपा जिलाध्यक्ष रामधन पोटलिया और उपखंड अधिकारी की मौजूदगी में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दलाल जोगीराम के पास से 25 लाख 300 रुपये की संदिग्ध राशि जब्त की थी।

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