आलीराजपुर में जोबट पुलिस ने ग्राम निमथल में नाबालिग करण रावत की हत्या के मामला का खुलासा किया है। शनिवार को पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। दरअसल, 6 जनवरी को जोबट थाना क्षेत्र के निमथल गांव के झिकरी बयड़ी क्षेत्र में एक अज्ञात बच्चे का शव मिला था। पुलिस ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया, जिसमें यह प्रथमदृष्टया हत्या का मामला लग रहा है। मृतक की पहचान निमथल निवासी करण पिता राकेश रावत के रूप में हुई। मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने गया था नाबालिग मृतक के पिता राकेश रावत ने पुलिस को सूचित किया कि 4 मई 2025 की रात करण गांव के एक मांगलिक कार्यक्रम में गया था, जिसके बाद से वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता था। विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से खून से सना पत्थर बरामद किया, जिसे हत्या में इस्तेमाल किया गया था। गांव के ही तीन युवकों ने किया था मर्डर तकनीकी विश्लेषण और स्थानीय मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने संदेहियों की सूची तैयार की। जांच में यह सामने आया कि मृतक को अंतिम बार गांव के ही सुशील के साथ देखा गया था। वहीं, एक अन्य संदेही दिलीप घटना के बाद अपना मोबाइल बंद कर गुजरात फरार हो गया था। इन कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने संदेही सुशील को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सुशील ने अपने दो अन्य साथियों, दिलीप और कैलाश के साथ मिलकर हत्या करने का अपराध स्वीकार किया। सिगरेट और ताड़ी पिलाने का लालच देकर साथ ले गए पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से करण को सिगरेट और ताड़ी पिलाने का लालच देकर गांव के बाहर ले गए। वहां उन्होंने पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी। पुरानी रंजिश में किया नाबालिग का मर्डर इस अपराध के मूल में तीन प्रमुख रंजिशें सामने आई हैं। पहली, मृतक की ओर से पहले में आरोपी दिलीप के परिजनों के खिलाफ ग्राम पंचायत में गवाही देना। दूसरी, मृतक के पिता और आरोपी सुशील के परिवार के मध्य पुराना घरेलू विवाद। तीसरी, ट्रैक्टर व्यवसाय से जुड़ी आर्थिक प्रतिस्पर्धा के कारण उत्पन्न द्वेष। वर्तमान में तीनों आरोपी सुशील पिता हेमता रावत, दिलीप पिता सेकड़ीया गाडरिया और कैलाश पिता केसीया डुडवे पुलिस गिरफ्त में हैं। मामले की अग्रिम वैधानिक विवेचना जारी है।


