पलामू जिले में जंगली हाथियों ने उत्पात किया है। पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) से निकले दो जंगली हाथियों ने सतबरवा प्रखंड के चेतमा और सलैया गांव में प्रवेश कर ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया। रबदा पंचायत के चेतमा गांव में हाथियों ने चना, गेहूं और सरसों की खड़ी फसलों को रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया। फसलों को बर्बाद करने के बाद दोनों हाथी रांची-डाल्टनगंज मुख्य मार्ग (एनएच-39) पर तुंबागड़ा के सेमरटांड तक पहुंच गए। हाथियों के सड़क पर आने से अफरातफरी मच गई और लोगों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने शोर मचाकर और लोहा व अन्य वस्तुएं बजाकर हाथियों को वापस जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया। इस दौरान एक हाथी सलैया गांव के पास औरंगा नदी पार कर पीटीआर के जंगल में लौट गया। हालांकि, दूसरा हाथी चेतमा और सलैया के समीप जंगल में घूमता हुआ देखा गया, जिससे ग्रामीणों में भय बना हुआ है। चेतमा निवासी कुमारी सुनीता, जो जेएसएलपीएस से जुड़ी हैं, ने बताया कि हाथियों के गांव में घुसने के बाद ग्रामीण पूरी रात जागते रहे। उन्होंने लगातार शोर मचाकर हाथियों को भगाने का प्रयास किया। चतरा सांसद के प्रखंड प्रतिनिधि धीरज कुमार ने जानकारी दी कि घटना की सूचना तत्काल मनिका वन विभाग को दी गई थी। इसके बाद वन विभाग की टीम रात में ही मौके पर पहुंची। वनकर्मियों और ग्रामीणों के सहयोग से दोनों हाथियों को खदेड़ा गया। हालांकि, शनिवार की सुबह फिर एक हाथी क्षेत्र के जंगल में देखा गया, जिससे ग्रामीणों में भय बरकरार है। हाथियों के उत्पात से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। प्रभावित किसानों ने बताया कि उनकी तैयार फसलें हाथियों ने बर्बाद कर दीं। उन्होंने सरकार और वन विभाग से जल्द से जल्द उचित मुआवजा देने की मांग की है।


