उदयपुर से अहमदाबाद नेशनल हाईवे 48 पर रतनपुर बॉर्डर के पास माताजी मंदिर के सामने एक टैंकर पलटने के 10 घंटे बाद गैस का रिसाव रुका। तब तक पूरा हाईवे जाम हो गया। गाड़ियों की लाइनें ओर जाम 50 किमी दूर केशरियाजी तक लग गया। रातभर लोग हाईवे पर ही जाम में फंसे रहे। घटना स्थल के आसपास के होटल, ढाबों पर भी भी किसी तरह की अग्नि वाले उपकरण जलाने से रोक दिया गया। टैंकर से गैस रिसाव ओर आग लगने के साथ ही विस्फोट के डर से अधिकारी भी मौके पर जाने से डर रहे थे। शनिवार सुबह करीब 4 बजे गैस का रिसाव रुकने पर सभी टैंकर के पास पहुंचे और करीब घंटेभर की मशक्कत के बाद टैंकर को हाईवे के किनारे करवाया। इसके बाद सुबह 5 बजे से ट्रैफिक को फिर से शुरू किया जा सका। दरअसल एक गैस टैंकर उदयपुर से अहमदाबाद की ओर जा रहा था। शाम करीब 6 बजे नेशनल हाईवे 48 पर रतनपुर बॉर्डर पर पास ही टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया। इससे से गैस का रिसाव होने लगा। गैस निकलने से वाहनधारी भी डर के कारण गाड़ियों को दूर ही रोक दिया। सूचना पर बिछीवाड़ा ओर रतनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और गैस रिसाव की वजह से ट्रैफिक को रोक दिया। भारी मात्रा में गैस रिसाव से आसपास भी लोग जाने से कतराने लगे। वहीं, डूंगरपुर ओर सागवाड़ा से दमकल की 3 गाड़ियां मौके पर पहुंची, लेकिन गैस का रिसाव ज्यादा होने से दमकल की गाड़ियां पहुंचने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। फायर प्रभारी धूलेश्वर, वाहन चालक शंकरलाल कटारा, फायरमैन प्रवीण प्रजापत, शांतिलाल डामरा, प्रदीप सुथार की टीम किसी भी परिस्थिति से निबटने के लिए तैयार रहे। टैंकर पलटने से घायल ड्राइवर को बिछीवाड़ा अस्पताल में भर्ती करवाया गया। घटनास्थल के आसपास के पूरे इलाके में ढाबे, थड़ियों पर आग लगाने से रोक दिया। पुलिस ओर प्रशासन की टीम देर रात तक गैस रिसाव रुकने का इंतजार करते रहे। शनिवार सुबह करीब 4 बजे टैंकर से गैस का रिसाव रुका। इसके बाद अधिकारी टैंकर के नजदीक पहुंचे। स्थिति का जायजा लिया और फिर टैंकर को क्रेन के जरिए हाईवे के किनारे करवाया गया। इसके बाद ट्रैफिक को फिर से चालू करवाया गया। करीब 11 बजे बाद हाईवे पर ट्रैफिक शुरू हो सका। 50 किमी जम में फंसे लोग, महिलाएं, बच्चे सब परेशान टैंकर पलटने के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया। रतनपुर बॉर्डर से लेकर 50 किमी दूर केशरियाजी तक गाड़ियों की लाइनें लग गई। पुलिस ओर प्रशासन ने हाईवे पर बिछीवाड़ा, खेरवाड़ा टोल समेत कई जगहों पर ट्रैफिक को रोक दिया। ताकि लोगों को परेशानी नहीं हो। वहीं, जाम में फंसने से महिलाएं, बच्चे ओर कई लोगों को परेशानी हुई। हालांकि छोटी गाड़ियों ओर ट्रैवल्स संचालकों ने अपनी गाड़ियों को डूंगरपुर से होकर अंदरूनी रास्तों से लेकर गए।


