मंडला जिले के कान्हा टाइगर रिजर्व के सरही परिक्षेत्र में एक दिवसीय ‘अनुभूति शिविर’ का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य पर्यावरण जागरूकता और संरक्षण को बढ़ावा देना था। इस शिविर में शासकीय माध्यमिक एवं हाई स्कूल मांझीपुर, शासकीय प्राथमिक शाला प्रेमनगर, अजयनगर और केडब्लूएसएन बॉयज हॉस्टल माधोपुर के दिव्यांग बच्चों सहित कुल 124 छात्र-छात्राएं तथा 15 शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए। शिविर में विद्यार्थियों को कंजर्वेशन एजुकेशन किट वितरित की गईं। वर्ष 2025-26 की अनुभूति योजना की थीम “हम हैं धरती के दूत” पर आधारित गतिविधियों के जरिए बच्चों को वन, वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया गया। इसके बाद, विद्यार्थियों को प्रकृति पथ का भ्रमण कराया गया, जहाँ उन्हें विभिन्न पेड़-पौधों की पहचान, उनकी उपयोगिता, वन्यजीवों की भूमिका और जैव विविधता संरक्षण की जानकारी दी गई। ‘खेल-खेल में संरक्षण’ शिक्षण के तहत खाद्य जाल, जंगल की पुकार और वन अपराध संबंधी सांप-सीढ़ी जैसे खेलों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के सिद्धांतों को रोचक ढंग से समझाया गया। एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। “मैं भी बाघ”, “हम हैं बदलाव” और “हम हैं धरती के दूत” थीम पर आधारित थीम सांग और बाघ नृत्य भी प्रस्तुत किए गए। बच्चों को बिना सिले कपड़े से थैली बनाना सिखाया गया और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, न्यायालय बिछिया ने पर्यावरण के महत्व के साथ बच्चों से संबंधित अपराधों और कानूनों की जानकारी दी। कान्हा क्षेत्र संचालक रवींद्र मणि त्रिपाठी ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर सहायक संचालक बंजर एसएस सेन्द्राम, परिक्षेत्र अधिकारी सरही कोर शीलेन्द्र उईके, जमुनाबाई (अध्यक्ष, ईको विकास समिति प्रेमनगर), सुकरती बाई (अध्यक्ष, ईको विकास समिति पकरीटोला), स्थानीय जन प्रतिनिधि और परिक्षेत्र सरही कोर का स्टाफ भी उपस्थित रहा।


