केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) का नाम बदलने और इसके प्रावधानों में संभावित बदलावों के विरोध में नागौर जिला कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेताओं ने केंद्र की नीतियों को गरीब विरोधी बताते हुए ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ जन आंदोलन शुरू करने की घोषणा की। रोजगार की गारंटी छीन रही है सरकार: खंडेलवाल प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक रमेश चंद खंडेलवाल ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जिसे कांग्रेस सरकार ने ग्रामीणों को रोजगार का कानूनी अधिकार देने के लिए लागू किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार अब इस योजना का नाम बदलकर और बजट में कटौती कर गरीबों से उनके हक का रोजगार छीनने का प्रयास कर रही है। खंडेलवाल ने चेतावनी दी कि कांग्रेस इस अधिकार को खत्म नहीं होने देगी। गांव-ढाणी तक जाएगा आंदोलन, कार्यकर्ता रखेंगे उपवास जिलाध्यक्ष हनुमान बांगड़ा ने आंदोलन की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए बताया कि कांग्रेस के कार्यकर्ता जिला स्तर पर एक दिन का उपवास रखकर विरोध दर्ज कराएंगे। इसके साथ ही एक व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत कार्यकर्ता गांव-ढाणी जाकर लोगों को मनरेगा के महत्व और केंद्र सरकार की कथित साजिश के बारे में जागरूक करेंगे। इनकी रही मौजूदगी इस दौरान पूर्व मंत्री मंजू मेघवाल, आईदानाराम भाटी, राधेश्याम सांगवा सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। आंदोलन में पूर्व जनप्रतिनिधि, पीसीसी पदाधिकारी, ब्लॉक व मंडल कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस और सेवा दल के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में शिरकत करेंगे।


