मंत्री राजेश अग्रवाल ने सिंहदेव के छुए पैर:पूर्व डिप्टी सीएम ने पूछा-और क्या हालचाल, दोनों के बीच चला हंसी-मजाक, विधानसभा-चुनाव में दी थी मात

सियासत में जहां आमतौर पर कटाक्ष और तल्ख बयान सुर्खियां बनते हैं, वहीं छत्तीसगढ़ भवन में राजनीति का एक सहज और शालीन दृश्य देखने को मिला। शुक्रवार को बिलासपुर के छत्तीसगढ़ भवन में छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव से मिलने पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल पहुंचे। वहां मंत्री राजेश अग्रवाल ने सिंहदेव के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। वहीं बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने भी पैर छूए। इस दौरान सिंहदेव ने मंत्री का हालचाल पूछा। आगे उन्होंने मंत्री से पूछा- दौरे पर यहां आएं हो या रायपुर जा रहे हो। जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि वो यहां एक राजभाषा के कार्यक्रम में आए थे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच हंसी-मजाक हुआ। थोड़ी देर बाद सिंहदेव से इजाजत लेकर मंत्री राजेश अग्रवाल वहां से चले गए। देखिए तस्वीरें चुनाव में आमने-सामने थे दोनों नेता
बता दें कि दोनों नेता 2023 के विधानसभा चुनाव में आमने-सामने थे। सरगुजा विधानसभा सीट से टीएस सिंहदेव को हराकर राजेश अग्रवाल पहली बार विधायक बने और सीधे मंत्री पद तक पहुंचे। चुनावी मुकाबले के दौरान दोनों पक्षों के बीच सियासी गर्माहट भी खूब देखने को मिली थी। लेकिन, चुनाव बाद तस्वीर बदली हुई नजर आई। छत्तीसगढ़ भवन में मुलाकात के दौरान न कोई तल्खी, न तंज, बल्कि शिष्टाचार और सम्मान की राजनीति दिखी। राजनीति में जहां विरोध को अक्सर व्यक्तिगत बना लिया जाता है, वहां यह मुलाकात यह संदेश देती नजर आई कि विचार अलग हो सकते हैं, संस्कार नहीं। यही वजह है कि यह मुलाकात अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। सिंहदेव ने मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाया वहीं सिंहदेव ने बिलासपुर में कहा कि केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मनरेगा मजदूरों का कानूनी अधिकार है, लेकिन इसे शर्तों वाली योजना G-RAM-G में बदलकर गरीबों से काम का अधिकार छीना जा रहा है। कांग्रेस भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व सीएम टीएस सिंह देव ने कहा कि मनरेगा कानून के तहत हर ग्रामीण परिवार को 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित करता है, लेकिन केंद्र सरकार की नीतियों के चलते यह व्यवस्था धीरे-धीरे कमजोर हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कानून मौजूद है, तो उसके स्थान पर नई-नई शर्तों वाली योजनाएं क्यों लाई जा रही है। केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी पर उठाए सवाल
उन्होंने केंद्र और राज्य के बीच मनरेगा की हिस्सेदारी में बदलाव का मुद्दा भी उठाया। सिंह देव ने कहा कि केंद्र की हिस्सेदारी कम होने से राज्यों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर मजदूरों को मिलने वाले काम और भुगतान पर पड़ेगा। पूर्व डिप्टी सीएम ने नए रोजगार मिशन को मनरेगा का विकल्प बताए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कोई भी नई योजना मनरेगा जैसे मजबूत कानून का विकल्प नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि मनरेगा कोई योजना नहीं, बल्कि कानून है। इसे कमजोर करना गरीब और मजदूर वर्ग के अधिकारों पर सीधा हमला है। केंद्र सरकार शर्तों के जरिए लोगों से उनका हक छीनने का काम कर रही है। ​………………………………​………….. राजनीति से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें भूपेश के बाद सिंहदेव बोले-मुगल काल में हिंदू सुरक्षित थे:कांग्रेस नेता राशिद बोले-अकबर, जहांगीर, शाहजहां की पत्नियां हिंदू थीं, BJP ने सनातन विरोधी बताया छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी CM टीएस सिंहदेव ने भिलाई में कहा कि मुगल काल में हिंदू सुरक्षित थे। इतिहास में हिंदुओं के दमन के कोई प्रमाण नहीं मिलते। हम खुद एक राजपरिवार से आते हैं। इतिहास में कहीं नहीं मिलता कि उस दौर में धर्म के आधार पर दमन किया गया हो। मुगल काल में सरगुजा रियासत सुरक्षित रही। पढ़ें पूरी खबर…

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