बुरहानपुर में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय के सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी योगेश गोस्वामी ने जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. प्रदीप कुमार मोसेस और आरएमओ डॉ. भूपेंद्र गौर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शुक्रवार रात करीब 11 बजे हुई घटना को लेकर गोस्वामी का दावा है कि इन अधिकारियों ने गुंडे बुलाकर उनके दोस्त के साथ मारपीट करवाई। मामले में कर्मचारी ने लालबाग थाने में शिकायत दर्ज कराई है, वहीं आरएमओ ने भी जवाबी शिकायत दी है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। दोस्त को रास्ते में रोककर पाइप से पीटा कर्मचारी योगेश गोस्वामी के अनुसार, वे शुक्रवार रात घर जा रहे थे। घर के पास रुककर वे फोन पर बात कर रहे थे, तभी वहां मौजूद सिविल सर्जन ने कुछ कहा, जिसे वे समझ नहीं पाए। इसके बाद उन्होंने अपने एक दोस्त को वहां बुलाया। गोस्वामी का आरोप है कि उनके दोस्त को रास्ते में रोककर 15 से अधिक लोगों ने पाइप से पीटा। उन्होंने दावा किया कि उनके पास इस घटना का वीडियो भी मौजूद है। घटना वाली रात ही उन्होंने थाने में आवेदन दिया और अगले दिन बयान दर्ज कराए। गोस्वामी ने कहा कि उन्हें मारपीट का तात्कालिक कारण स्पष्ट नहीं है, लेकिन उन्हें लगता है कि सिविल सर्जन और सीएमएचओ के बीच तालमेल न होने के कारण यह सब हो रहा है और उन्हें निशाना बनाया गया है। RMO की सफाई- चोरी की आशंका थी, पुलिस बुलाई आरएमओ डॉ. भूपेंद्र गौर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए निराधार बताया है। डॉ. गौर ने अपनी सफाई में कहा कि घटना स्थल पर एक पार्टी चल रही थी, जिसमें तीन-चार युवक भी मौजूद थे और कुछ लोग शराब के नशे में थे। डॉ. गौर के अनुसार, सीसीएचबी ब्लॉक को नुकसान पहुंचने या चोरी की आशंका थी, जिसके चलते उन्होंने खुद डायल 112 पर कॉल करके पुलिस को बुलाया था। कोई गुंडे नहीं, अस्पताल के गार्ड थे डॉ. गौर ने स्पष्ट किया कि मारपीट के आरोप गलत हैं। उन्होंने कहा कि मौके पर कोई गुंडे नहीं बुलाए गए थे, वहां केवल अस्पताल के सुरक्षा गार्ड मौजूद थे। बाहर से कोई भी व्यक्ति नहीं बुलाया गया था। डॉ. गौर की ओर से भी थाने में लिखित शिकायत दी गई है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।


