सबलगढ़ में युवक अंकेश माहौर की जली हुई लाश मिलने के मामले में 35 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। शनिवार को इससे नाराज होकर शनिवार को मृतक के परिवार वालों और ग्रामीणों ने सबलगढ़ थाने का घेराव कर दिया। उन्होंने मांग की कि अंकेश के हत्यारों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और प्रदर्शन में मदद करने वालों को छोड़ा जाए। 20 साल के अंकेश माहौर की लाश करीब एक महीना पहले बेनीपुरा ईदगाह के पास सुनसान जगह पर मिली थी। हत्यारों ने उसे पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था। घटना के बाद जब लोगों ने चक्काजाम किया था, तब पुलिस ने 8 दिन में खुलासा करने का वादा किया था, लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी कोई पकड़ा नहीं गया। पुलिस को दी थी ‘व्हाट्सएप चैट’ की जानकारी अंकेश के परिवार वालों का कहना है कि उन्होंने घटना के 6 दिन बाद ही पुलिस को अंकेश और एक लड़की के बीच हुई बातचीत (व्हाट्सएप चैट) के सबूत दे दिए थे। यह बातचीत घटना वाली रात 1 बजे तक हुई थी। परिवार का आरोप है कि इतने ठोस सबूत होने के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। प्रदर्शनकारियों और कांग्रेस नेताओं को पकड़ा इस मामले में न्याय की मांग कर रहे युवा कांग्रेस के नेताओं को पुलिस ने प्रदर्शन से पहले ही उनके घरों से उठा लिया था। हालांकि, शनिवार शाम को तीन कांग्रेसी नेताओं को जमानत मिल गई। अंकेश की मां दुलारी माहौर ने रोते हुए कहा कि 35 दिन बीत गए, लेकिन अभी तक इंसाफ नहीं मिला। पुलिस का क्या कहना है? अंकेश के पिता राजेश माहौर ने बताया कि पुलिस ने उन्हें जानकारी दी है कि एक टीम जांच के लिए महाराष्ट्र गई हुई है। पुलिस ने अब परिवार को भरोसा दिलाया है कि अगले 10 दिनों के भीतर लड़के और लड़की से जुड़े इस पूरे मामले का सच सामने ला दिया जाएगा।


