यह प्रोजेक्ट इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी की भावना को दर्शाता है: इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए सीटी यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर डॉ. मनबीर सिंह ने कहा कि यह प्रोजेक्ट इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी की उस भावना को दर्शाता है, जिस पर यूनिवर्सिटी विश्वास करता है। कबाड़ को एक विशाल रोबोटिक संरचना में बदलना न केवल इंजीनियरिंग उपलब्धि है, बल्कि यह रचनात्मक सोच और जिम्मेदार नवाचार का भी संदेश देता है। रोबोटिक्स विभाग के प्रमुख डॉ. जगदीप सिंह ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य छात्रों को पारंपरिक कक्षा शिक्षण से आगे ले जाकर सीमित संसाधनों में रचनात्मक समाधान खोजने की चुनौती देना था। छात्रों की मेहनत, समर्पण और टीमवर्क सराहनीय है और ऐसे प्रोजेक्ट उन्हें वास्तविक दुनिया की इंजीनियरिंग चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं। यह पहल सीटी यूनिवर्सिटी को इनोवेशन आधारित शिक्षा के एक मजबूत केंद्र के रूप में और सुदृढ़ करती है, जहां सृजनात्मकता, सस्टेनेबिलिटी और तकनीकी उत्कृष्टता मिलकर भविष्य के पेशेवरों को आकार दे रही है। भास्कर न्यूज । लुधियाना सीटी यूनिवर्सिटी ने एक बार फिर इनोवेशन और प्रायोगिक शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साबित किया है। यूनिवर्सिटी के छात्रों ने पुरानी मारुति 800 कार के कबाड़ से 10 फीट ऊंचा जायंट रोबोट तैयार कर सबको हैरान कर दिया। यह अनोखा प्रोजेक्ट इस बात का सशक्त उदाहरण है कि किस तरह बेकार समझे जाने वाले संसाधनों को रचनात्मक सोच, सस्टेनेबिलिटी और इंजीनियरिंग कौशल के माध्यम से एक नई पहचान दी जा सकती है। इस परियोजना को छात्रों यतिश, मानव, बलजोत, अंकित और जसविंदर की टीम ने रोबोटिक्स विभाग के प्रमुख डॉ. जगदीप सिंह के मार्गदर्शन में पूरा किया। वहीं, प्रोजेक्ट ऑफिसर्स धर्मप्रीत सिंह और पुलकित का भी विशेष सहयोग रहा। महज एक महीने की अवधि में तैयार किए गए इस रोबोट के निर्माण में डिजाइनिंग, स्ट्रक्चरल प्लानिंग और हैंड्स-ऑन मैकेनिकल वर्क शामिल रहा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों में इनोवेशन को बढ़ावा देना, सतत विकास की सोच विकसित करना और उन्हें वास्तविक तकनीकी अनुभव प्रदान करना था। इस प्रोजेक्ट के जरिए छात्रों को मैकेनिकल डिजाइन, फैब्रिकेशन तकनीक, संरचनात्मक विकास और टीमवर्क का गहन व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ, जो किताबी पढ़ाई से कहीं आगे है। अब यह जायंट रोबोट सीटी यूनिवर्सिटी परिसर में स्थापित किया जा चुका है और तेजी से एक कैंपस लैंडमार्क के रूप में उभर रहा है। यह संरचना यूनिवर्सिटी की स्किल-बेस्ड एजुकेशन, रचनात्मकता और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग की सोच का प्रतीक बन चुकी है।


