कैबिनेट मंत्री ने खुशी जताई कि इस यूनिट में लगी अधिकांश मशीनें अब भारत में ही बेंगलुरु और गुजरात जैसे शहरों में विकसित की गई हैं, जो पहले विदेशों से आयात की जाती थीं। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि नगर निगमों और नगर परिषदों से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। साथ ही, पीएसपीसीएल को निर्देश दिए जाएंगे कि किसी भी गांव, कस्बे या शहर में लटकती तारें नजर न आएं। उन्होंने बताया कि सड़क भास्कर न्यूज |लुधियाना इन्वेस्ट पंजाब’ पहल के तहत वर्ष 2022 से अब तक करीब 1.50 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जिससे लगभग 5.25 लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं। ये शब्द कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने फोकल पॉइंट में केजे ग्रुप द्वारा स्थापित नई अल्ट्रा मॉडर्न ‘टूल रूम’ यूनिट के उद्घाटन के अवसर पर कहे। कैबिनेट मंत्री अरोड़ा ने बताया कि केजे फोर्जिंग की यह नई यूनिट 35 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित की गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार उद्योग को बढ़ावा देने और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है, जिसके चलते अन्य राज्यों के उद्योगपति भी पंजाब में करोड़ों रुपये का निवेश कर रहे हैं। इसी कड़ी में केजे ग्रुप ने फोकल पॉइंट में यह अत्याधुनिक टूल रूम स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान केजे ग्रुप ने 52 करोड़ रुपये का निवेश किया, जबकि वर्ष 2026 में 12 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट के माध्यम से 66 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे निवेशों से हजारों बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इस अवसर पर राज्य सूचना आयुक्त हरप्रीत सिंह संधू, सीआईसीयू से उपकार सिंह आहूजा, गलाडा के मुख्य प्रशासक संदीप कुमार, केजे ग्रुप से गोपी कोठारी और अमित कोठारी, नवीन बहल सहित बड़ी संख्या में औद्योगिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। ढांचे में सुधार और सीवरेज सिस्टम के उन्नयन पर भी कार्य किया जाएगा। इसके अलावा, बुद्धा दरिया के पुनर्जीवन परियोजना पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है। दरिया में गोबर और डेयरी कचरा डालने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है तथा रंगाई इकाइयों व अन्य फैक्ट्रियों को बिना उपचारित पानी न छोड़ने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इस मौके पर केजे ग्रुप ने पंजाब सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों और शांतिपूर्ण वातावरण के लिए आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष में 21 लाख रुपये का योगदान भी दिया।


